झांसी में युवक ने सुसाइड किया:पत्नी-मां फसल काट रही थी, वो पेड़ के नीचे आकर बैठा और फिर फांसी लगाई

झांसी में एक युवक ने सुसाइड कर लिया। वो पत्नी और मां के साथ खेत पर फसल काट रहा था। फिर 4 साल के बेटे को लेकर पेड़ के नीचे बैठ गया और फिर पेड़ पर फांसी लगा ली। यह देख मासूम बेटा मां के पास पहुंचा और बोला कि पापा झूला झूल रहे हैं। परिजन दौड़कर आए तो युवक फंदे पर लटका था। परिजनों ने आनन फानन में हसिए से रस्सी काटी। मगर, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पूरा मामला बरुआसागर के टपरियन बढ़ाई गांव की है। खेत पर गेहूं की कटाई हो रही थी मृतक का नाम करनजू उर्फ करन अहिरवार (35) पुत्र महाराम था। वह टपरियन बढ़ाई गांव का रहने वाला था। परिजनों ने बताया कि बुधवार को करन अपनी पत्नी राजाबेटी और मां मीरा के साथ खेत पर गेहूं की फसल काट रहा था। दोपहर बाद वह 4 साल के बेटे को लेकर पेड़ के नीचे आ गया, फिर उसी पेड़ पर रस्सी से फंदा बनाया और झूल गया। जब 4 साल के बेटे ने देखा तो मां को बताया कि पिता झूला झूल रहे हैं। परिजन दौड़कर आए और रस्सी काटकर करन को नीचे उतारा। मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। 3 साल पहले पिता ने किया था सुसाइड करन की मौत के बाद घर में मातम का माहौल है। करन की 3 बेटी 11 साल की बिशाला, 8 साल की लवली, 6 साल की वैशाली और एक बेटा 4 साल का कार्तिक है। 3 साल पहले करन के पिता महाराम ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।

Apr 3, 2025 - 20:00
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झांसी में युवक ने सुसाइड किया:पत्नी-मां फसल काट रही थी, वो पेड़ के नीचे आकर बैठा और फिर फांसी लगाई
झांसी में एक युवक ने सुसाइड कर लिया। वो पत्नी और मां के साथ खेत पर फसल काट रहा था। फिर 4 साल के बेटे क

झांसी में युवक ने सुसाइड किया: पत्नी-मां फसल काट रही थी, वो पेड़ के नीचे आकर बैठा और फिर फांसी लगाई

झांसी में एक दिलदहलाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय हुई जब उसकी पत्नी और मां खेत में फसल काटने में व्यस्त थीं। युवक ने पेड़ के नीचे जाकर बैठा और अचानक ही अपने जीवन को समाप्त करने का निश्चय कर लिया।

घटना का विवरण

सूत्रों के अनुसार, युवक की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वह कई दिनों से डिप्रेशन में था। उसकी पत्नी और मां जो खेत में फसल की कटाई में जुटी थीं, इस दौरान उन्होंने अपने बेटे को चुपचाप पेड़ के नीचे बैठा देखा। जब उन्हें युवक की लटका हुआ अवस्था का सामना करना पड़ा, तो पूरा परिवार शोक में डूब गया।

परिवार और समाज पर असर

इस दुखद घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे गाँव को हिला कर रख दिया है। स्थानीय लोग इसकी चर्चा कर रहे हैं और ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जता रहे हैं। मनोवैज्ञानिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

समस्या का समाधान

आजकल के प्रतिस्पर्धात्मक समाज में मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो कि एक गंभीर समस्या है। सामुदायिक स्तर पर मनोवैज्ञानिक सहायता और चिकित्सा सेवा की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके। परिवारों को हो रही समस्याओं पर चर्चा करने और उचित मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस घटना का एक सकारात्मक पहलू यह है कि गाँव में अब लोग मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और इसके समाधान के लिए कदम उठाने का प्रयास कर सकते हैं।

इस घटना पर और जानकारी के लिए, कृपया News by indiatwoday.com पर जाएं।

निष्कर्ष

झांसी में युवक की आत्महत्या की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपने आसपास के लोगों की मानसिक स्थिति के प्रति अलर्ट रहना चाहिए। ऐसे में संवाद और सहयोग से ही हम इस तरह की दुखद घटनाओं को रोक सकते हैं। Keywords: झांसी युवक सुसाइड, मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या, परिवार पर असर, डिप्रेशन के लक्षण, किसान परिवार की दास्तान, खेतों में काम, समाज में जागरूकता, किसान की समस्या, जीवन के हल, फसल काटने का जोखिम.

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