देहरादून के VELMED Hospital में सफल Carotid Endarterectomy सर्जरी से स्ट्रोक से बचाव की नई उम्मीद
देहरादून के VELMED Hospital में एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल हुई है। यहां 69 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक प्रेम सिंह में दोबारा स्ट्रोक (लकवा) के जोखिम को रोकने के लिए जटिल Carotid Endarterectomy सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह देहरादून में इस स्तर की उन्नत न्यूरो-वैस्कुलर सर्जरी के रूप में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा …
देहरादून के VELMED Hospital में सफल Carotid Endarterectomy सर्जरी
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के VELMED Hospital में 69 वर्षीय प्रेम सिंह पर जटिल Carotid Endarterectomy सर्जरी सफलतापूर्वक की गई, जिससे दोबारा स्ट्रोक के खतरे को रोका जा सका है। यह सर्जरी देहरादून में इस तरह की पहली और महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया मानी जा रही है।
देहरादून के VELMED Hospital ने एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल की है। यहां के विशेषज्ञों की टीम ने 69 वर्ष के प्रेम सिंह में दोबारा स्ट्रोक (लकवा) की आशंका को खत्म करने के लिए जटिल Carotid Endarterectomy सर्जरी सफलतापूर्वक की है। यह सर्जरी देहरादून में इस तरह की उन्नत न्यूरो-वैस्कुलर सर्जरी के रूप में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उपचार की आवश्यकता और चुनौतियां
एक साल पहले प्रेम सिंह को स्ट्रोक का अनुभव हुआ था, जिसने उनके शरीर के बाएं हिस्से में कमजोरी पैदा कर दी थी। हालिया जांच में यह पाया गया कि उनकी दाहिनी कैरोटिड आर्टरी में 95-99% तक गंभीर रुकावट थी, जो भविष्य में दोबारा स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकती थी। इस स्थिति ने सर्जरी की आवश्यकता को और भी बढ़ा दिया।
सर्जरी का प्रोसेस और तकनीकी पहलू
डॉक्टरों की एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने प्रेम सिंह के लिए सर्जरी का निर्णय लिया। टीम ने स्टेंट का विकल्प छोड़कर सर्जरी को सबसे सुरक्षित विकल्प माना, क्योंकि रक्त नलियों में मौजूद प्लाक बहुत नरम और नाजुक था, जो मस्तिष्क में पहुंचकर गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता था। इसीलिए Carotid Endarterectomy की सिफारिश की गई, जिसमें गर्दन की धमनी को खोलकर जमा प्लाक को सावधानी से निकाला जाता है।
यह सर्जरी डॉ. रोहित चौहान, जो जीबी पंत अस्पताल दिल्ली से प्रशिक्षित हैं, द्वारा की गई। ऑपरेशन के दौरान इस प्रक्रिया में Pruitt–Inahara Shunt जैसे विशेष उपकरण का उपयोग किया गया, जिससे सर्जरी के दौरान मस्तिष्क में रक्त प्रवाह निरंतर बना रहा और स्ट्रोक का खतरा न्यूनतम रहा। सर्जरी के दौरान बड़े, नरम और वसा युक्त प्लाक के टुकड़े निकाले गए, जिससे टीम का निर्णय पूरी तरह से सही साबित हुआ।
विशेषज्ञों की टीम के योगदान
इस सफलता में चार विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- डॉ. रोहित चौहान – सर्जन (ऑपरेशन करने वाले)
- डॉ. गगन जैन – कार्डियोलॉजिस्ट (रक्त नलियों का मूल्यांकन)
- डॉ. ज्योति गौतम – न्यूरोलॉजिस्ट (न्यूरोलॉजिकल स्थिति और जोखिम आकलन)
- डॉ. राहुल – एनेस्थीसिया प्रमुख
इन सभी विशेषज्ञों की टीम ने मरीज को सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान करने में सफलता प्राप्त की।
महत्व और संदेश
VELMED Hospital के डॉक्टरों ने बताया कि यह सर्जरी देहरादून में इस प्रकार की पहली उन्नत स्ट्रोक-रोकथाम प्रक्रिया है। इसके माध्यम से अब मरीजों को दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
संदेश जनता के लिए:
स्ट्रोक के कई मामलों को समय पर पहचान और सही इलाज के जरिए रोका जा सकता है। गर्दन की नसों (कारोटिड आर्टरी) की जांच और विशेषज्ञ से परामर्श जीवन रक्षा में सहायक हो सकता है।
VELMED Hospital, NABH मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में, अब देहरादून में ऐसे उन्नत उपचार उपलब्ध कराकर क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को और भी मजबूत कर रहा है।
नई चिकित्सा उपलब्धियों के साथ, VELMED Hospital ने सभी के स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और भी स्पष्ट किया है।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - नंदिनी शर्मा
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