देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 58 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी
Corbetthalchal dehradunमुख्यमंत्री ने प्रदान किया सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों/निकायों में कार्यरत कार्मिकों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते का अनुमोदन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों/निकायों में कार्यरत संस्थाएं, जहां सातवां…
राज्य के कर्मचारियों के लिए राहत की खबर
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और निकायों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते का अनुमोदन किया है। यह निर्णय उन संस्थानों के नियमित कर्मचारियों के लिए है जहाँ सातवां वेतनमान लागू है।
मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला
देहरादून से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को 58 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है, जो सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और नगर निकायों में कार्यरत हैं। यह निर्णय उन सभी नियमित कार्मिकों के लिए होगा जो 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे।
महंगाई भत्ते का प्रभाव
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य राज्य के कर्मचारियों को महंगाई के बढ़ते प्रभाव से राहत प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होगी। यह कदम राज्य की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक कल्याण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सातवां वेतनमान और महंगाई का संदर्भ
सातवां वेतनमान भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका लाभ सरकारी कर्मचारियों के मुकाबले सार्वजनिक उपक्रमों और निकायों के कर्मचारियों को भी मिलने जा रहा है। इस निर्णय से कर्मचारियों का मौजूदा मूल वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि होगी। वर्तमान में, महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत है, जिसमें इस नए निर्णय के बाद 58 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
प्रभावित कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
इस संशोधन पर कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कई कर्मचारियों ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया है जो उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। उनका मानना है कि यह सरकार की ओर से उनके प्रति सहानुभूति का प्रतीक है।
भविष्य की योजनाएँ
सरकार ने इस निर्णय के साथ-साथ आगे की योजनाओं पर भी ध्यान देने की बात कही है। मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया कि आगे भी कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए और कदम उठाए जाएंगे।
इस तरह का निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि उनके परिवारों और समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आर्थिक सशक्तीकरण का एक मार्ग प्रशस्त करेगा।
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सादर, टीम इंडिया टूडे
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