नीति घाटी में बादल फटने से बह गया तमक बैली ब्रिज, 17 गांवों का संपर्क कटा

रैबार डेस्क: उत्तराखंड मानसून कहर बरपाने लगा है। चमोली जिले में अचानक आई बारिश ने... The post नीति घाटी में बादल फटा, तिनके की तरह बह गया तमक बैली ब्रिज, 17 गावों का संपर्क कटा appeared first on Uttarakhand Raibar.

Aug 11, 2026 - 00:27
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नीति घाटी में बादल फटने से बह गया तमक बैली ब्रिज, 17 गांवों का संपर्क कटा
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नीति घाटी में बादल फटने से बह गया तमक बैली ब्रिज, 17 गांवों का संपर्क कटा

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कम शब्दों में कहें तो, नीति घाटी में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। चमोली जिले में आई अचानक बारिश ने तमक बैली ब्रिज को बहा लिया, जिसके कारण 17 गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।

उत्तराखंड की नीति घाटी में हाल ही में मानसून की बुरी चुनौतियाँ सामने आई हैं। चमोली जिले के इस क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने कई जगहों पर कहर बरपाया है। सूचना के अनुसार, आज सुबह अचानक आई बारिश के कारण तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस तेज बहाव ने वहां बना वैली ब्रिज बहा दिया, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों की कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं।

स्थानिक सूत्रों के मुताबिक, इस घटना से पहले कई मज़दूर और सीमा सड़क संगठन (BRO) के कर्मचारी लापता होने की सूचना भी मिली है। जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गई हैं। यह आपदा अत्यंत गंभीर है और जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ता जा रहा है, स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

भारी बारिश से तटबंध डूबे, संपर्क मार्ग बाधित

नीति घाटी में लगातार हो रही बारिश ने नदी-नालों के जलस्तर को इतना बढ़ा दिया है कि मार्गों पर आवागमन में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। प्रशासन ने हालात को गंभीरता से लिया है और लोगों को सलाह दी है कि वे इस दिशा में यात्रा करने से परहेज करें। फिलहाल, नीति घाटी की ओर जाने वाला सभी मार्ग सुरक्षित नहीं है।

तमक नाले का जलस्तर बढ़ने से खतरा

तमक नाले की तेज धारा में बहकर पुल सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। यह पुल हाल ही में बनाया गया था और इसे 17 गांवों के लोगों के बीच संपर्क जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन अब इस पुल के बह जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नाले के जलस्तर के बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन और नागरिकों दोनों को चिंता है।

मलारी जाने वाला मार्ग भी अब क्षतिग्रस्त हो गया है, जो कि हाट बाजार और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच को भी बाधित करता है। इस क्षेत्र में राहत कार्य जारी है, और यह जरूरी है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या को समाधान निकाले।

जलवायु परिवर्तन और बढ़ते मानसून की गतिविधियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि इस तरह के प्राकृतिक आपदाएँ आने वाले समय में और भी बढ़ सकती हैं। इससे निपटने के लिए एक ठोस योजना की आवश्यकता है जो भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों को सुरक्षित रख सके।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों को सतर्क रहना और उनके लिए संभावित सुरक्षात्मक कदम उठाना बेहद जरूरी है। जल्द ही सरकारी राहत योजनाएं लागू की जाएंगी जैसे कि अस्थायी आवास, खाना, और उचित स्वास्थ्य सेवाएं।

सभी को सलाह दी जाती है कि स्थिति की जानकारी के लिए नजदीकी प्रशासन या सरकारी वेबसाइटों से जुड़े रहें।

रिपोर्टिंग के एक भाग के रूप में, हमारी टीम जोड़ती है कि आप सभी विभिन्न स्रोतों के माध्यम से अद्यतित रहें और इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान से अवगत रहें।

फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपको अधिक जानकारी के लिए यहाँ विजिट करना चाहिए: India Twoday.

साइन ऑफ: सुमन शर्मा, टीम इंडिया ट्वोटे

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