पहाड़ों में भालू और गुलदार का आतंक: मुख्यमंत्री धामी का बड़ा आदेश, पौड़ी डीएफओ हटाने के निर्देश

रैबार डेस्क: पहाड़ों में भालू और गुलदार के आतंक के बीच   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी... The post पहाड़ में भालू गुलदार के आतंक पर CM का एक्शन, पौड़ी DFO को हटाने के निर्देश, छात्रों को एस्कॉर्ट करके ले जाएं स्कूल appeared first on Uttarakhand Raibar.

Dec 12, 2025 - 00:27
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पहाड़ों में भालू और गुलदार का आतंक: मुख्यमंत्री धामी का बड़ा आदेश, पौड़ी डीएफओ हटाने के निर्देश
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पहाड़ों में भालू और गुलदार का आतंक: मुख्यमंत्री धामी का बड़ा आदेश

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कम शब्दों में कहें तो, पहाड़ों में बढ़ते भालू और गुलदार के खतरों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने पौड़ी के डीएफओ को हटाने के निर्देश दिए हैं और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एस्कॉर्ट की व्यवस्था करनी होगी।

रैबार डेस्क: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भालू और गुलदार के आतंक के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को विभिन्न महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, पौड़ी में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के कारण पौड़ी के डीएफओ को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष का समाधान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को समाप्त करने के लिए वन विभाग के साथ-साथ शासन और प्रशासन के स्तर पर प्रभावी प्रयास करने होंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वन विभाग की टीम को मानव-वन्यजीव संघर्ष की सूचना मिलने के 30 मिनट के अंदर मौके पर पहुंचना सुनिश्चित करना चाहिए। इसके लिए संबंधित डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाएगा। प्रभावित परिवारों की आर्थिक सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।

स्कूल बच्चों की सुरक्षा

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का खतरा अधिक है, उन क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को सुरक्षित रूप से स्कूल पहुंचाने एवं घर लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान किसी परिवार के आर्थिक आधार पर निर्भर व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रभावित परिवार की आजीविका का समर्थन करने के लिए नई नीति दो सप्ताह के भीतर बनाने का निर्देश दिया गया है।

प्रभावी उपकरण और तकनीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जिन भी उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें जल्दी से जल्दी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों के जीवन को वन्यजीवों से बचाना है, इसके लिए नई तकनीकों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए। जंगली जानवरों से आबादी क्षेत्रों में न आने देने के लिए स्थायी समाधान खोजने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

चेतावनी और जागरूकता अभियान

सीएम धामी ने यह भी कहा कि बस्तियों के आस-पास की जंगली झाड़ियों को साफ करने के लिए अभियान चलाना चाहिए। बच्चों और महिलाओं को विशेष रूप से आस-पास वन्य जीवों की मौजूदगी के बारे में जागरूक करने के लिए शिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। इससे भविष्य में संभावित खतरों से बचा जा सकेगा।

इस प्रकार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम पहाड़ी क्षेत्रों में भालू और गुलदार के खतरों के प्रति आवश्यक और सामयिक उपाय प्रदर्शित करता है। इसकी आवश्यकता आज पहले से कहीं अधिक है, ताकि न केवल मानव जीवन की रक्षा की जा सके, बल्कि वन्य जीवों और मानवों के बीच एक स्थायी समाधान भी हासिल किया जा सके।

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सादर, टीम इंडिया टुडे
नेहा शर्मा

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