पुरोला में बड़े धूमधाम से मनाया गया जौनसार-बाबर एवं जौनपुरी समुदाय का मरोज महोत्सव

उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र में जौनसार-बाबर एवं जौनपुरी समुदाय के लोगों ने एक दिवसीय मरोज महोत्सव बड़े उत्साह और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य अपनी प्राचीन लोक संस्कृति, परंपराओं, बोली-भाषा और विरासत को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत समुदाय के सदस्यों द्वारा अपनी-अपनी …

Dec 29, 2025 - 18:27
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पुरोला में बड़े धूमधाम से मनाया गया जौनसार-बाबर एवं जौनपुरी समुदाय का मरोज महोत्सव
उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र में जौनसार-बाबर एवं जौनपुरी समुदाय के लोगों ने एक दिवसीय मरोज म

पुरोला में बड़े धूमधाम से मनाया गया जौनसार-बाबर एवं जौनपुरी समुदाय का मरोज महोत्सव

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कम शब्दों में कहें तो उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र में जौनसार-बाबर तथा जौनपुरी समुदाय के लोगों ने जादुई माहौल में एक दिवसीय मरोज महोत्सव का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य अपनी प्राचीन लोक संस्कृति को संजोए रखना और इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना था।

इस महोत्सव का आयोजन स्थानीय लोगों द्वारा बड़े उत्साह और विविध रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत समुदाय के सदस्यों ने अपनी-अपनी बोली में परिचय देकर की, जिसने दर्शकों के बीच सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संदेश दिया। सभी ने मिलकर अपनी-अपनी संस्कृति का सम्मान किया, जो इस महोत्सव का मुख्य विषय था।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और लोक कला का प्रदर्शन

महोत्सव के दौरान पारंपरिक लोक गीतों की मधुर धुनों पर तांदी नृत्य ने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक वेशभूषा में सजे जौनसारी, बाबरी और जौनपुरी कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान किया बल्कि उन्हें अपनी समृद्ध विरासत का अहसास भी कराया।

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण

कार्यक्रम में जौनसार-बाबर और जौनपुरी क्षेत्र की लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक धरोहर को विशेष रूप से उजागर किया गया। लोक गीत, नृत्य और अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस बात की पुष्टि की कि स्थानीय समुदाय अपनी संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयासरत है।

अन्य क्षेत्रों से आए अतिथियों ने भी इस महोत्सव की सराहना की और ऐसे आयोजनों को लोक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दौरान पूरा पंडाल उत्सव के आनंद से भरा था, जिसने सांस्कृतिक चेतना को एक नई ऊर्जा दी।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस महोत्सव के अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इसे और शानदार बना दिया। अध्यक्ष देवराज तोमर, शीशपाल सिंह, सूरत सिंह चौहान, गम्भीर तोमर जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने कार्यक्रम में उपस्थित रहकर उपस्थित जनसमूह को जोड़ा। इसके अलावा, कई अन्य परिवारजन और स्थानीय लोग भी इस महोत्सव के साक्षी बने।

इस प्रकार, पुरोला के एक दिवसीय मरोज महोत्सव ने सभी को एक साथ लाने का कार्य किया, जिससे न केवल समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को मान्यता मिली, बल्कि इसे आगे बढ़ाने का एक मजबूत संदेश भी दिया गया।

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टीम इंडिया टुडे द्वारा, सुमन कुमारी

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