पौड़ी: खिर्सू क्षेत्र में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं पर भालू का अचानक हमला, दोनों युवक घायल
रैबार डेस्क: पौड़ी जिले में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। पहले... The post पौड़ी: खिर्सू क्षेत्र में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं पर भालू का हमला, दोनों घायल appeared first on Uttarakhand Raibar.
पौड़ी: खिर्सू क्षेत्र में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं पर भालू का अचानक हमला, दोनों युवक घायल
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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जिले के खिर्सू क्षेत्र में दो युवाओं पर भालू ने हमला किया, जिससे दोनों घायल हुए। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है।
रैबार डेस्क: पौड़ी जिले में भालू का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पहले पाबौ और थैलीसैंण ब्लॉक में भालू के आतंक से लोग दहशत में थे और अब खिर्सू क्षेत्र में यह समस्या और भी बढ़ गई है। हाल ही में माथीगांव में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे दो युवाओं पर भालू ने अचानक हमला कर दिया।
घायल युवाओं की पहचान
जानकारी के अनुसार, खिर्सू के माथीगांव निवासी आदर्श पुत्र विक्रम सिंह एवं कठूली निवासी आकाश सिंह पुत्र भागेश सिंह आगामी अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। दोनों युवक रोज की तरह सुबह एक्सरसाइज और प्रैक्टिस के लिए घर से निकले थे। जब वे विजेंद्र सिंह के घर के पास मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपा एक भालू अचानक उन पर हमला कर दिया।
सीधी प्रतिक्रिया और बचाव
आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह युवकों को भालू के चंगुल से बचाया। घायल युवकों को तत्काल श्रीनगर के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में खौफ फैला दिया और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग से निवेदन
इस घटना के बाद, क्षेत्र के निवासियों ने वन विभाग से मांग की है कि वे जंगली जानवरों के आतंक को खत्म करने के लिए कदम उठाएं। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि वे इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर इस दिशा में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
समाज में जागरूकता की आवश्यकता
यह घटना केवल एक स्थान की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों और मानव बस्तियों के बीच की दूरी को बनाए रखने की आवश्यकता है। इसके लिए सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और सावधानीपूर्वक कार्रवाई करना आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे किसी भी हमले से बचने के लिए लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें यह भी सलाह दी जाती है कि वे अकेले या बिना देखरेख के जंगलों में न जाएं।
इसके अलावा, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उचित उपायों को लागू करना भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
अंत में, हम यह आशा करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी और सभी को सुरक्षित रहने के लिए सलाह दी जाती है।
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Team India Twoday - कृतिका शर्मा
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