पौड़ी: गुलदार के आतंक के कारण आंगनवाड़ी केंद्रों में 8 दिसंबर तक अवकाश, आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश

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Dec 5, 2025 - 09:27
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पौड़ी: गुलदार के आतंक के कारण आंगनवाड़ी केंद्रों में 8 दिसंबर तक अवकाश, आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश
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पौड़ी में गुलदार की दहशत, प्रशासन ने उठाए सख्त कदम

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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जनपद में गुलदार की गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। लोगों में दहशत का माहौल बन गया है और प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

पौड़ी जनपद में गुलदार के आतंक से लोग सहमे हुए हैं। जनपद मुख्यालय से सटे इलाकों में गुलदार की लगातार मौजूदगी से सुरक्षा के कदम उठाए जा रहे हैं। गजल्ट गांव में हाल ही में एक आदमी पर हमला करके गुलदार ने उसकी जान ले ली, जिसके बाद लोगों में आक्रोश है। इसी के चलते वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने या मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए 8 दिसंबर तक अवकाश घोषित किया गया है।

केंद्रों में छुट्टी की घोषणा

गुलदार की गतिविधियों की चौंकाने वाली बढ़ती घटनाओं के बीच, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर पौड़ी और कोट विकासखंड के उन आंगनवाड़ी केंद्रों में 05 से 08 दिसंबर तक एहतियातन छुट्टी घोषित की गई है, जहाँ गुलदार की चहल-कदमी अधिक देखी गई थी। इनमें विकासखंड पौड़ी के ग्राम गजल्ट के आंगनवाड़ी केंद्र कौडला, कफलना, बाड़ा, सिरोली, पिसोली, डोभा और वजली शामिल हैं।

इसके अलावा, विकासखंड कोट के देवार क्षेत्र में बच्चे पर हुए हमले के बाद चार अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों में भी समान अवधि के लिए छुट्टी लागू की गई है। इन केंद्रों में देवार-1, देवार, उडडा, बुरांसी, देवल (चमना), काण्डा और नवन का नाम शामिल है।

गुलदार को मारने के आदेश

गजल्ट गांव की घटना के बाद वन विभाग ने अब आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रमुख वन्यजीव प्रतिपालक ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि क्षेत्र में गुलदार की निगरानी के लिए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसनी के साथ गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने, उसे ट्रेंकुलाइज करने और अंततः नष्ट करने की अनुमति दी गई है।

प्रधान डीएम स्वाति भदौरिया ने कहा है कि क्षेत्र में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो शूटर भी तैनात किए जा रहे हैं, जो आदमखोर गुलदार को नष्ट करने में मदद करेंगे।

सुरक्षा उपायों की आवश्यकता

पौड़ी जनपद में इस तरह की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन को अब तत्काल उपाय करने की आवश्यकता है ताकि लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।

यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि जंगलों में मनुष्यों का अस्तित्व और जंगली जीवों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ऐसे में जरूरत है जन जागरूकता की, जहां लोग जंगलों से दूरी बनाए रखते हुए स्थानीय प्रशासन की मदद करें।

इन सभी घटनाओं के बाद, यह स्पष्ट है कि स्थानीय लोग इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की ओर देख रहे हैं। एक सुरक्षित वातावरण को सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है।

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सादर,

टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा

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