राज्यपाल गुरमीत सिंह का पुस्तक विमोचन, 900 परिवारों के सर्वे पर आधारित महत्वाकांक्षी शोध
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को राजभवन में “माउंटेन्स ऑफ लेबर, करन्ट्स ऑफ चेंज-वुमैंस लाइवलीहुड एंड इकोनॉमिक ट्रांजिशंस इन द हिमालयन रीजन एंड उत्तराखण्ड’’ पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह भारतीय हिमालयी क्षेत्र में महिलाओं की आजीविका और आर्थिक परिवर्तन पर आधारित यह पुस्तक दून […] The post पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल गुरमीत सिंह, 900 परिवारों पर किए सर्वे पर आधारित है बुक first appeared on Vision 2020 News.
राज्यपाल गुरमीत सिंह का पुस्तक विमोचन, 900 परिवारों के सर्वे पर आधारित महत्वाकांक्षी शोध
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कम शब्दों में कहें तो, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने हिमालयी महिलाओं के आर्थिक विकास पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को राजभवन में “माउंटेन्स ऑफ लेबर, करन्ट्स ऑफ चेंज-वुमैंस लाइवलीहुड एंड इकोनॉमिक ट्रांजिशंस इन द हिमालयन रीजन एंड उत्तराखण्ड’’ नामक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक भारतीय हिमालयी क्षेत्र में महिलाओं की आजीविका और आर्थिक परिवर्तन पर आधारित है।
पुस्तक विमोचन समारोह का महत्व
इस समारोह में राज्यपाल के अलावा दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. राजेन्द्र पी. ममगाईं और श्रुति ढौंडियाल जैसी प्रमुख शख्सियतें भी शामिल रहीं। राज्यपाल ने विमोचन के दौरान कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण ही विकास की वास्तविक आधारशिला है। उनका मानना है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह अनिवार्य है कि महिलाएं सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की अग्रदूत बनें।
900 परिवारों पर किए गए सर्वे का महत्व
पुस्तक “वन यूनिवर्सिटी, वन रिसर्च” के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें उत्तराखण्ड के छह जिलों के 900 परिवारों पर किए गए व्यापक सर्वेक्षण का विवरण है। इस अध्ययन में मात्रात्मक आंकड़ों के साथ-साथ साक्षात्कारों, समूह चर्चाओं और स्थानीय अवलोकनों से प्राप्त जानकारी भी शामिल की गई है। यह शोध निश्चित रूप से स्थानीय स्तर पर महिलाओं की चुनौतियों और अवसरों को उजागर करेगा।
राज्यपाल ने लेखकों की टीम को दी बधाई
विमोचन अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक के लेखकों और दून विश्वविद्यालय की शोध टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अध्ययन उत्तराखण्ड की स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित प्रभावी और व्यावहारिक शोध को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पुस्तक न केवल महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगी, बल्कि नीति-निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगी।
निष्कर्ष
इस पुस्तक का विमोचन न केवल एक सांस्कृतिक घटना है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। महिलाओं की आजीविका और आर्थिक परिवर्तन पर आधारित यह अध्ययन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से न केवल महिलाओं का सशक्तीकरण होगा, बल्कि इससे समग्र विकास की दिशा में भी एक ठोस आधार तैयार होगा।
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सादर, टीम इंडिया टुडे, सुमिता
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