वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत, उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल!
देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत ने पत्रकार जगत में हलचल मचा दी है। सोमवार रात को पंकज मिश्रा उम्र (52) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वो अपने घर के फर्श पर बेसुध पड़े मिले। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। […] The post वरिष्ठ पत्रकार पकंज मिश्रा की मौत से उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान ! first appeared on Vision 2020 News.
वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत, उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल!
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे पत्रकार जगत में खलबली मचा दी है। उनके निधन से न केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, बल्कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
सोमवार की रात पंकज मिश्रा (52) अपने घर में बेसुध पाए गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को बल्कि समस्त पत्रकार समुदाय को दुखी किया है।
पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत के पीछे की कहानी
पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत ने उत्तराखंड के पत्रकारिता समुदाय में शोक की लहर फैला दी है। उनके भाई ने पंकज की हत्या का आरोप लगाया है, जिससे यह मामला प्रदेश से दिल्ली तक चर्चा का विषय बन गया है।
मौत से एक दिन पहले हुआ था विवाद
पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, पंकज मिश्रा की मौत से एक दिन पहले वह दो अन्य व्यक्तियों के साथ शराब पी रहे थे। उसी दौरान उनके बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया। सूत्रों के अनुसार, विवाद हाथापाई में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने बताया कि पंकज नशे में होने के कारण शिकायत करने से मना कर दिया था।
मंगलवार सुबह पुलिस को पंकज की बेसुध होने की खबर मिली, जिसके बाद वह फिर से उनके घर पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पंकज को मृत घोषित कर दिया गया था।
मृतक के भाई ने हत्या का आरोप लगाया
पंकज के भाई ने पुलिस को लिखित शिकायत दी जिसमें उन्होंने अमित सहगल और एक अन्य के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि दोनों ने पंकज के साथ घर पर मारपीट की।
परिजनों का कहना है कि झगड़े के दौरान पंकज गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस आधार पर पुलिस ने गंभीरता से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर उठाए थे गंभीर सवाल
पंकज मिश्रा ने अपनी मौत से ठीक दो दिन पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने स्थानीय प्रशासन और कुछ पत्रकारों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की जांच की मांग की थी, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने उस पोस्ट को हटा दिया।
परिजनों की जांच की मांग
पंकज के परिजनों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस मामले पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पत्रकारों की सुरक्षा खतरे में है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं कानून व्यवस्था को गंभीरता से ले रहे हैं।
सीएम धामी और डीजी सूचना ने व्यक्त की शोक संवेदनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंकज मिश्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है, और दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की है। इसके साथ ही सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने भी शोक प्रकट किया है।
वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की आकस्मिक मौत से उठे इन सवालों का जवाब ढूंढना बेहद जरूरी है। क्या सच में यह एक हत्या है या फिर कोई हादसा? यह सवाल अब पत्रकारिता के मानकों और सुरक्षा को परिभाषित करेगा।
इन घटनाओं पर और जानकारी के लिए, कृपया India Twoday पर जाएं।
सादर, टीम इंडिया टुडे
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