वृद्धाश्रम में भिटौली का उत्सव, बुजुर्गों को मिला स्नेह का उपहार

रैबार डेस्क: चैत के महीने ध्याणियों को मायके की ओर से उपहार देने की परंपरा... The post वृद्धाश्रम में भिटौली देने का नया अंदाज़, बुजुर्गों को बांटा स्नेह का उपहार appeared first on Uttarakhand Raibar.

Apr 13, 2026 - 09:27
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वृद्धाश्रम में भिटौली का उत्सव, बुजुर्गों को मिला स्नेह का उपहार
रैबार डेस्क: चैत के महीने ध्याणियों को मायके की ओर से उपहार देने की परंपरा... The post वृद्धाश्रम में भिट

वृद्धाश्रम में भिटौली का उत्सव, बुजुर्गों को मिला स्नेह का उपहार

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कम शब्दों में कहें तो, चैत के महीने में एक अनोखी पहल के तहत, वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को भिटौली देकर स्नेह भरा उपहार प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन One For One Society द्वारा किया गया, जिससे बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।

रैबार डेस्क से मिली जानकारी के अनुसार, चैत महीने में पारंपरिक रूप से मायके की ओर से ध्याणियों को उपहार देने की परंपरा रही है, जिसे इस बार बेहद खास अंदाज में मनाया गया। One For One Society ने प्रेम धाम वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों के लिए एक भव्य भिटौली कार्यक्रम आयोजित किया। इस अनूठे आयोजन के तहत, बुजुर्गों को समय देकर उन्हें स्नेह, सम्मान और अपनापन का उपहार प्रदान किया गया।

दिव्या और शिल्पा का नेतृत्व

इस पहल का नेतृत्व दिव्या और शिल्पा भट्ट ने किया। उन्होंने न केवल बुजुर्गों को भिटौली भेंट की, बल्कि उनके साथ समय बिताकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का कार्य भी किया। यह पहल हर किसी के दिल को छूने वाली थी, जहाँ बुजुर्गों को इस अनमोल समय का आनंद लेने का मौका मिला।

संस्कृति और मनोरंजन का संगम

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर बुजुर्गों का मनोरंजन किया गया। इसने न केवल उनकी खुशियों को दोगुना किया, बल्कि उनके लिए यह एक यादगार लम्हा बना।

स्नेह का संदेश

इस अनोखी पहल ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है: भिटौली केवल बेटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे समाज के हर उस व्यक्ति तक पहुंचाना चाहिए, जिसे प्यार और अपनापन की आवश्यकता है। One For One Society की इस पहल की स्थानीय लोगों द्वारा भरपूर सराहना की जा रही है।

यह कार्यक्रम सिर्फ एक सामाजिक कार्य नहीं था, बल्कि यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि हम सभी को अपने बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। ऐसा करना न केवल हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारे संस्कारों का भी भाग होता है।

यदि आप इस पहल और अन्य सामाजिक गतिविधियों के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो India Twoday पर अवश्य जाएं।

यह कार्यक्रम एक सकारात्मक संदेश फैलाकर आगे बढ़ा है और हमें यह याद दिलाता है कि स्नेह, सम्मान और अपनापन हर किसी का अधिकार है।

टीम इंडिया टुडे - प्रियंका शर्मा

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