हल्द्वानी में 336 आंदोलनकारियों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया
उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर जिले के सभी तहसील मुख्यालयों में सम्मान समारोह आयोजित कर राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। हल्द्वानी तहसील का आयोजन…
हल्द्वानी में 336 आंदोलनकारियों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर हल्द्वानी में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में राज्य आंदोलनकारियों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया, जो उनकी सेवाओं को मान्यता देता है।
उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 22 वर्षों का जश्न मनाने के लिए, मंगलवार को हल्द्वानी तहसील में एम.बी.पी.जी. महाविद्यालय के सभागार में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह समारोह जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें अनेक प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
समारोह का प्रारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य आंदोलन की महत्वपूर्ण हस्तियों में से एक, मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू, विधायक हुकुम सिंह कुंवर और उप जिलाधिकारी राहुल शाह द्वारा संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया गया। इन सभी व्यक्तियों ने आंदोलनकारियों की सेवाओं की प्रशंसा की और उन्हें इस सम्मान का पात्र बताया।
आंदोलनकारियों का योगदान
राज्य आंदोलनकारियों ने उत्तराखण्ड के लिए संघर्ष किया है और उनकी मेहनत ने इस नए राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस सम्मान समारोह में 336 आंदोलनकारियों को शॉल पहनाकर उनका सम्मान किया गया। यह आयोजन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास था जो उन्होंने हमारे राज्य के लिए किया।
समारोह की महत्ता
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने संगठन और एकता के महत्व पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में आये सभी लोगों ने आंदोलनकारियों की बहादुरी और समर्पण को सलाम किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रदर्शनकर्ताओं ने उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपराओं का जीवंत चित्रण किया।
इस प्रकार, हल्द्वानी में आयोजित यह सम्मान समारोह राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को उद्दीप्त करता है। यह न केवल आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान जताने का एक माध्यम है, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है, जो इतिहास से सीख लेती है।
उत्तराखण्ड के विकास के लिए आंदोलनकारियों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। उनका संघर्ष हमारे भविष्य की दिशा तय करता है।
कार्यक्रम के समापन पर, प्रशासन के अधिकारियों ने सभी आंदोलनकारियों को धन्यवाद दिया और उनके योगदान को सराहा। मार्गदर्शन के लिए उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक नई प्रेरणा है।
इस कार्यक्रम की सफलतम आयोजन के लिए जिला प्रशासन और आयोजकों को बधाई। हम आशा करते हैं कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे जो हमारे आंदोलनों और उनकी उपलब्धियों को मान्यता देंगे।
अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें।
सादर,
टीम इंडिया ट्वोडे - प्रिया शर्मा
What's Your Reaction?