अंकिता भंडारी हत्याकांड: पौड़ी गढ़वाल के नर्सिंग कॉलेज का नाम 'स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज' रखा गया

देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल के डोभ (श्रीकोट) स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर ‘स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी’ कर दिया गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश …

Jan 9, 2026 - 09:27
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: पौड़ी गढ़वाल के नर्सिंग कॉलेज का नाम 'स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज' रखा गया
देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल के डोभ (श्रीकोट)

अंकिता भंडारी हत्याकांड: पौड़ी गढ़वाल के नर्सिंग कॉलेज का नया नामकरण

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की सरकार ने अंकिता भंडारी की याद में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पौड़ी गढ़वाल के डोभ (श्रीकोट) के राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम 'स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज' रख दिया है।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में पौड़ी गढ़वाल के डोभ (श्रीकोट) स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज के नाम बदलने की घोषणा की। मेडिकल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। यह कदम अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार की मांगों की पृष्ठभूमि में लिया गया है, जो राज्य में लंबे समय से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

अंकिता का हत्याकांड और उसके प्रभाव

यह कदम 2022 में हुए अंकिता भंडारी की हत्या के मामले को देखते हुए लिया गया है। अंकिता पौड़ी गढ़वाल के डोभ श्रीकोट गांव की निवासी थीं और एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। उनका हत्याकांड केवल एक व्यक्तिगत tragedी नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान के सवालों पर भी एक बड़ा मुद्दा बन गया है।

इस मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन हाल में उठे नए आरोपों, वायरल ऑडियो-वीडियो और VIP एंगल के दावों ने सीबीआई जांच की मांग को और तेज कर दिया है। प्रदेश में न्याय की गुहार लगाने वाले प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इस संदर्भ में, मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के माता-पिता से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार की विधिसम्मत मांगों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह स्पष्ट है कि इस नामकरण के माध्यम से सरकार ने अंकिता की स्मृति को अमर करने के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है।

शिक्षा और सुरक्षा का संदेश

यह नामकरण अंकिता की याद में एक स्थायी स्मारक के रूप में कार्य करेगा। इसे महिलाओं की शिक्षा और उनके प्रति समाज की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने 2023 में इस कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखने की घोषणा की थी, जिसे अब औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। यह निर्णय न केवल अंकिता का सम्मान है, बल्कि प्रदेश की महिलाओं के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और समर्पण को भी दर्शाता है।

किसी भी समाज में महिलाओं की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है। यह फैसला हमें यह भी याद दिलाता है कि हमें अपने समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की आवश्यकता को समझना और बढ़ावा देना होगा। यह कदम न केवल अंकिता के परिवार के लिए बल्कि हर उस महिला के लिए एक उम्मीद का प्रतीक है जो अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष कर रही है।

अंत में, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे अन्यायपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए हम सब सामूहिक रूप से प्रयास करें। जैसे कि अंकिता भंडारी का नाम कॉलेज को दिया गया है, उसी प्रकार हमें भी हर महिला के जीवन को सुरक्षित और सम्मानित रखने के लिए एकजुट होना होगा।

इस पूरी खबर में छिपा संदेश हमें यह सिखाता है कि सरकार जब अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेकर समाज के साथ खड़ी होती है, तो वह न केवल न्याय की गारंटी देती है बल्कि समाज में बदलावों की भी शुरुआत करती है।

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सादर, टीम इंडिया ट्वोडे

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