उत्तराखंड: अंजलि ने कर्तव्य पथ पर झंडा फहराकर गर्वित किया देश

बड़कोट/उत्तरकाशी : आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब पूरा देश कर्तव्य पथ पर गर्व से झूम रहा था, तब उत्तराखंड के रवांई क्षेत्र की एक साधारण परिवार की असाधारण बेटी ने पूरे क्षेत्र और प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया। राजकीय महाविद्यालय बड़कोट की NCC कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर अंजलि ने ऑल इंडिया NCC गर्ल्स कंटिंजेंट …

Jan 27, 2026 - 00:27
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उत्तराखंड: अंजलि ने कर्तव्य पथ पर झंडा फहराकर गर्वित किया देश
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उत्तराखंड: अंजलि ने कर्तव्य पथ पर झंडा फहराकर गर्वित किया देश

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की अंजलि ने गणतंत्र दिवस पर अपनी उपलब्धि से देश को गौरवान्वित किया है। इस लेख में हम उनकी उपलब्धियों और प्रेरणादायक कहानी पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

बड़कोट/उत्तरकाशी: गणतंत्र दिवस के इस अद्वितीय अवसर पर, जब पूरा भारत कर्तव्य पथ पर गर्वित हो रहा था, उत्तराखंड के रवांई क्षेत्र की एक साधारण परिवार की असाधारण बेटी अंजलि ने अपने क्षेत्र और प्रदेश को गौरव से भर दिया। वह राजकीय महाविद्यालय बड़कोट की एनसीसी कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर के रूप में ऑल इंडिया NCC गर्ल्स कंटिंजेंट का हिस्सा बनकर कर्तव्य पथ पर ऐतिहासिक मार्च कर रही थी। यह घटना न केवल उनके परिवार और गांव के लिए बल्कि पूरे रवांई क्षेत्र, उत्तरकाशी जिले और राज्य उत्तराखंड के लिए गर्व का पल है।

चुनौतियों को मात देती अंजलि

ग्राम धराली निवासी देवेंद्र सिंह की बेटी अंजलि ने 3 यूके बटालियन एनसीसी के तहत यह उपलब्धि हासिल की। पहाड़ों की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पली-बढ़ी, अंजलि ने सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन चयन प्रक्रिया को पार किया। उसकी मेहनत और जोश ने उसे इस उच्च स्थान तक पहुँचाया है, जहाँ वह अपने कंधों पर पूरे पहाड़ी समाज की आशाएँ और सपने सवार किए हुए थी।

कठोर प्रशिक्षण और लगन

आरडीसी-2026 के लिए अंजलि ने कई महीनों तक शारीरिक प्रशिक्षण, ड्रिल, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता के कठोर अभ्यास से गुजरी। उनकी मेहनत और देशभक्ति की भावना ने उन्हें देश की सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट्स में शामिल कर दिया। 26 जनवरी 2026 को अंजलि ने जब कर्तव्य पथ पर कदमताल किया, तो उनकी अनुशासित चाल ने हर दर्शक के मन में जोश भर दिया।

स्थानीय समाज की प्रतिक्रियाएँ

इस उपलब्धि पर रवांई क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय ग्रामीण, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और महाविद्यालय परिवार ने अंजलि को बधाइयां दी हैं। अंजलि ने साबित कर दिया कि अगर इरादा पक्का हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी लड़की आसमान छू सकती है। उनकी सफलता अन्य लड़कियों के लिए एक मिसाल है। पहाड़ की बेटियाँ कभी भी किसी से कम नहीं हैं।

अंजलि का सन्देश

अंजलि की कहानी न केवल प्रेरणा है, बल्कि यह दिखाता है कि किसी भी स्थान से, खासकर पहाड़ों से, इच्छाशक्ति और मेहनत से किसी भी उच्चता को प्राप्त किया जा सकता है। उनका यह कदम देशभर के युवाओं को प्रेरित करता है कि वे अपने लक्ष्यों का पीछा करें।

आगे बढ़ते हुए अंजलि जैसे युवा महिलाओं का समर्पण और उनके संघर्ष हमें यह सिखाते हैं कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।

इस कहानी को और अधिक जानने के लिए और अन्य दिलचस्प खबरों के लिए, कृपया देखें India Twoday.

सादर,
टीम इंडिया टुडे, किरण

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