उत्तराखंड का ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन: हिरासत में लिए गए तीन नशा तस्कर, एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी शामिल

उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत प्रदेश में लगातार अभियान चल रहा है। इसी क्रम में देहरादून पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी…

Dec 12, 2025 - 18:27
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उत्तराखंड का ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन: हिरासत में लिए गए तीन नशा तस्कर, एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी शामिल
उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत प्रदेश में लगातार अभियान चल रहा है। इसी क्रम में दे

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में लगातार नशा-मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में देहरादून पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने छापेमारी कर तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शामिल है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 6 लाख रुपये की स्मैक और डोडा पाउडर बरामद किया है।

देहरादून पुलिस की कार्रवाई

उत्तराखंड सरकार ने नशा विरोधी अभियान को और भी तेज कर दिया है। इस दिशा में पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कई छापेमारी की हैं। ताजा मामले में, देहरादून पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर एक सुराग के माध्यम से तनावपूर्ण यांत्रिकी के चलते तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। इन तस्करों में एक आदतन अपराधी भी है जो पहले भी कई बार पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।

गिरफ्तार हुए तस्करों की जानकारी

पुलिस की मानें तो गिरफ्तार किए गए तस्करों में एक नशा तस्कर जो अक्सर हिस्ट्रीशीटर के रूप में जाना जाता है, के पास से बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ प्राप्त हुआ है। इससे पूर्व भी ये तस्कर विभिन्न नशीले पदार्थों के तस्करी में शामिल रह चुके हैं। पुलिस ने उनके पास से 6 लाख रुपये की अवैध स्मैक और डोडा पाउडर बरामद किया है। इस प्रकार की पहुंच न केवल उनके लिए बल्कि समाज के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है।

नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग

उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने के लिए सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि आमजन का भी सहयोग आवश्यक है। लोगों की सजगता और प्रशासन के तत्परता के परिणाम स्वरूप ही इस प्रकार की घोषणाएं संभव हो पाती हैं। समाज में बढ़ते नशे के मामलों के लिए जागरूकता फैलाना जरूरी है। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी अभियान चलाना, सेमिनार आयोजित करना और स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा देना महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

इस प्रकार की गिरफ्तारी उन प्रयासों का हिस्सा हैं जो उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने की दिशा में बड़े कदम के रूप में देखी जा रही है। देहरादून पुलिस की मुहिम इस बात का प्रमाण है कि दुष्कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दिशा में पुलिस के प्रयासों को सभी को समर्थन देना चाहिए, ताकि नशे के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाया जा सके।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे - राधिका शर्मा

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