उत्तराखंड के बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई के सुधार के लिए केंद्र से मिली बड़ी सहायता की मांग
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में हुई बैठक में ने वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्ध कुंभ मेले की तैयारियों और नमामि गंगे…
उत्तराखंड के बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई के सुधार के लिए केंद्र से मिली बड़ी सहायता की मांग
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान बाढ़ सुरक्षा और सिंचाई सुधार के लिए केंद्र सरकार से बड़ी सहायता की अपील की है। इस बैठक में 2027 में हरिद्वार में होने वाले अर्ध कुंभ मेले की तैयारियों और नमामि गंगे परियोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा
मुख्यमंत्री धामी ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि हरिद्वार में अर्ध कुंभ 2027 के आयोजन के लिए पर्यावरणीय दृष्टि से सतत और सुव्यवस्थित तैयारियों की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के तहत ₹408.82 करोड़ के परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की। धामी ने कहा कि इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि मेले के दौरान जल सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
बाढ़ सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता
उत्तराखंड, जो प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है, में बाढ़ सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और लगातार गिरते वर्षा के कारण बाढ़ एक गंभीर समस्या बन चुकी है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र से जो मदद मिलेगी, वह राज्य की बाढ़ सुरक्षा उपायों को और मजबूती प्रदान करेगी।
सिंचाई में सुधार के लिए कदम
सिंचाई की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए भी कई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ाने और जल संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए उचित सिंचाई सुविधाएं आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस दिशा में भी सहायता की मांग की है, जिससे किसानों को आवश्यक जल उपलब्ध हो सके।
भविष्य के आयोजन की योजनाएं
धामी ने यह भी बताया कि अर्ध कुंभ मेले में तैयारियों के साथ ही, नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गंगा की साफ-सफाई के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उनका कहना था कि गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल करना केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इन सभी प्रयासों का उद्देश्य 2027 में हरिद्वार में होने वाले अर्ध कुंभ मेले को सफल बनाना है। यह अवसर न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसके द्वारा राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को भी बढ़ावा मिलेगा।
राज्य के विकास के लिए ऐसी योजनाओं का सफल कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है। सीएम धामी के नेतृत्व में यदि केंद्र से मदद मिलती है, तो यकीनन उत्तराखंड एक समानांतर विकास की ओर बढ़ सकेगा।
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सामग्री प्रस्तुत की: कृति बासु, टीम इंडिया टुडे
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