उत्तराखंड: गड्ढों का पूजन कर सड़कों की बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का अनोखा विरोध
पुरोला/उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा के मोरी क्षेत्र में बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का अनोखा विरोध देखने को मिला। गैंचवाण, देवरा, गुराड़ी, पैसर, हलटाड़ी और दंणगाण गांवों के लोगों ने सड़क पर बने गहरे गड्ढों का विधिवत पूजन कर विधायक, सरकार और प्रशासन की सद्बुद्धि की कामना की। ग्रामीणों का आरोप है कि …
उत्तराखंड: गड्ढों का पूजन कर सड़कों की बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का अनोखा विरोध
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया।
पुरोला/उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले की पुरोला विधानसभा के मोरी क्षेत्र में ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें गैंचवाण, देवरा, गुराड़ी, पैसर, हलटाड़ी और दंणगाण गांवों के निवासियों ने सड़क पर बने गहरे गड्ढों का विधिवत पूजन किया। इस दौरान उन्होंने विधायक, सरकार और प्रशासन की सद्बुद्धि की कामना की।
ग्रामीणों की मांगें और समस्याएँ
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से सड़क के डामरीकरण, गड्ढों की मरम्मत और नालियों के निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गांववासियों का कहना है कि यह सड़क सात गांवों की प्रमुख संपर्क सड़क है और सेब सहित कृषि उत्पादों के परिवहन का मुख्य मार्ग भी है।
सड़क की स्थिति और उसके दुष्परिणाम
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। पिछले सेब सीजन में भी कई वाहन हादसे का शिकार हुए थे, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
प्रतिरोध का बढ़ता स्वरूप
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क का स्थायी सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि इस मुद्दे की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड के ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध न केवल उनकी स्थिति को उजागर करता है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे नागरिक अपने अधिकारों के लिए सक्रिय हो रहे हैं। सड़क निर्माण और उचित प्रशासनिक कार्रवाई जिलों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीणों की आवाज़ को अनसुना नहीं किया जा सकता। समस्या का सामाधान नहीं होने पर इन्हें और अधिक सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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— Team India Twoday, राधिका शर्मा
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