दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति ‘गंभीर’, सांस लेना हुआ कठिन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। सीपीसीबी के अनुसार, आनंद विहार में एक्यूआई 430 …

Oct 19, 2025 - 09:27
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दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति ‘गंभीर’, सांस लेना हुआ कठिन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति ‘गंभीर’, सांस लेना हुआ कठिन

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कम शब्दों में कहें तो, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर वायु प्रदूषण का स्तर खतरे की घंटी बजा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह शहर के विभिन्न हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है।

सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में एक्यूआई 430 तक पहुँच गया है, जबकि अक्षरधाम क्षेत्र का एक्यूआई भी 426 है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। इसके अतिरिक्त, अशोक विहार का एक्यूआई 306 और बवाना का 309 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आते हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, काफी हिस्सों में प्रदूषण का स्तर इतना गंभीर हो चुका है कि दिल्लीवासियों के लिए घर से बाहर निकलना भी कठिन हो रहा है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

दिल्ली में इस खतरनाक प्रदूषण के स्तर के परिणामस्वरूप नागरिकों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वायु प्रदूषण के प्रभाव से श्वसन संबन्धी बीमारियाँ एवं अन्य स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को सलाह दी है कि वे बाहर जाने से बचें और मास्क पहनें। उन्होंने कहा कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

सरकारी पहल की आवश्यकता

सरकार एवं प्रशासन से प्रदूषण की इस विकराल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में वायु गुणवत्ता के सुधार के लिए ठोस नीतियों और सार्वजनिक जागरूकता की जरूरत है।

निष्कर्ष

हालांकि वायु प्रदूषण एक जटिल समस्या है, लेकिन हमें संयुक्त रूप से इसे नियंत्रित करने के लिए प्रयास करने होंगे। सभी को इस दिशा में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझना होगा।

विभिन्न शहरों में भी वायु प्रदूषण की समस्या देखी जा रही है, जिससे यह आवश्यक हो गया है कि हम इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। अधिक अपडेट के लिए, विजिट करें India Twoday.

सादर, टीम इंडिया टुडे - द्वारा अनुपमा शर्मा

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