उत्तराखंड: दीपक बिजल्वाण के खिलाफ दुष्प्रचार के पीछे की साजिश

देहरादून : विधानसभा सीट को लेकर भाजपा के अंदर चल रहा घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही पार्टी के कुछ कार्यकर्ता और नेता हाल ही में भाजपा में शामिल हुए दीपक बिजल्वाण के खिलाफ दुष्प्रचार में जुटे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद मुख्य रूप …

Jan 10, 2026 - 00:27
 58  501822
उत्तराखंड: दीपक बिजल्वाण के खिलाफ दुष्प्रचार के पीछे की साजिश
देहरादून : विधानसभा सीट को लेकर भाजपा के अंदर चल रहा घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। 2027 के विधानसभा

उत्तराखंड: दीपक बिजल्वाण के खिलाफ दुष्प्रचार के पीछे की साजिश

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

कम शब्दों में कहें तो, भाजपा में चल रहे विवाद ने दीपक बिजल्वाण को घेर लिया है, जो 2027 के विधानसभा चुनाव में यमुनोत्री सीट के लिए दावेदारी करने वाले हैं।

देहरादून: उत्तराखंड भाजपा के अंदर के घमासान ने अब खुलकर सामने आकर सबको चौंका दिया है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले ही कुछ भाजपा कार्यकर्ता और नेता, जो हाल ही में दीपक बिजल्वाण के पार्टी में शामिल होने से चिंतित हैं, उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद मुख्य रूप से टिकट की दावेदारी से जुड़ा हुआ है, जहां बिजल्वाण की बढ़ती लोकप्रियता पुराने दावेदारों के लिए एक चुनौती बन गई है।

दीपक बिजल्वाण का राजनीतिक सफर

दीपक बिजल्वाण, उत्तरकाशी के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं और उन्हें वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना करना पड़ा था, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने उन्हें सभी मामलों में क्लीन चिट दे दी है। इसी कारण, भाजपा ने 2025 के पंचायत चुनाव से पहले उन्हें पार्टी में शामिल किया था। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बिजल्वाण का स्थानीय स्तर पर एक मजबूत समर्थन है, जो उन्हें यमुनोत्री सीट पर एक प्रमुख दावेदार बनाता है।

दावेदारी को लेकर बनी बेचैनी

हालांकि, जैसे ही बिजल्वाण पार्टी में शामिल हुए, कुछ मौजूदा टिकट दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ये नेता अपनी स्थिति कमजोर होते देखकर बिजल्वाण को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इस विवाद में प्रसिद्ध समाजसेवी रोशन रतूड़ी का नाम सामने आया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

रतूड़ी को कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुराने घोटाले के अधूरे दस्तावेज भेजे गए थे, जिसका उपयोग कर उन्होंने एक वीडियो तैयार किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, और इसे पहले कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने शेयर किया। इस वीडियो के माध्यम से बिजल्वाण के विरोधियों को इसे भुनाने का अवसर मिला। मगर जब रतूड़ी ने इस मामले की गहराई से जांच की, तो हाईकोर्ट का क्लीन चिट वाला आदेश उनके सामने आया।

भाजपा में उत्पन्न प्रश्न

अब पार्टी के अंदर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दीपक बिजल्वाण के आगमन से किसे परेशानी हो रही है। क्या यह केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का मामला है, या फिर यह चुनाव से पहले पार्टी को कमजोर करने की एक साजिश है? भाजपा के स्थानीय नेता इस बात को मानते हैं कि इस पूरे मामले की पार्टी स्तर पर गंभीर जांच हो रही है, और यदि किसी की गलती साबित होती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें निलंबन या निष्कासन भी शामिल है।

भाजपा की छवि और चुनावी रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए इस मामले के परिणाम को देखना काफी दिलचस्प होगा। क्या दीपक बिजल्वाण अपनी लोकप्रियता के बल पर आगे बढ़ पाएंगे, या यह साजिश उनकी राजनीतिक यात्रा को रोकने में सफल होगी? आगे की घटनाओं पर नज़र रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

इसके अलावा, सामाजिक और राजनीतिक हलचलों के बारे में और अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.

Team India Twoday
नेहा शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow