अंकिता भंडारी मामले में बड़ा कदम, सीएम धामी ने CBI जांच की सिफारिश की

अंकिता भंडारी केस में बड़ा फैसला,CM धामी ने CBI जांच की संस्तुति दी माता-पिता के अनुरोध पर लिया गया निर्णय   देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है […] The post अंकिता भंडारी केस में बड़ा फैसला,CM धामी ने CBI जांच की संस्तुति दी first appeared on Vision 2020 News.

Jan 10, 2026 - 00:27
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अंकिता भंडारी मामले में बड़ा कदम, सीएम धामी ने CBI जांच की सिफारिश की
अंकिता भंडारी केस में बड़ा फैसला,CM धामी ने CBI जांच की संस्तुति दी माता-पिता के अनुरोध पर लिया गया नि

अंकिता भंडारी मामले में बड़ा कदम, सीएम धामी ने CBI जांच की सिफारिश की

माता-पिता के अनुरोध पर लिया गया निर्णय

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता-पिता की भावना का सम्मान करते हुए इस मामले की CBI जांच कराने की सिफारिश की है। यह निर्णय माता-पिता के अनुरोध पर आधारित है, जो इस दुखद घटना की गंभीरता को उजागर करता है।

मुख्यमंत्री का यह महत्वपूर्ण निर्णय

देहरादून में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में, मुख्यमंत्री धामी ने इस संवेदनशील मामले की रिपोर्ट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है और यह निर्णय विधि और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि अंकिता के मामले में सरकारी कार्रवाई में कोई भी कोताही नहीं बरती गई।

प्रारंभिक कार्रवाई और SIT गठन

जब अंकिता भंडारी की हृदय विदारक कहानी सामने आई, तो राज्य सरकार ने तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस SIT में महिला आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य मामले की जॉज पढ़ने के लिए पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता बनाए रखना था। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सभी आरोपियों को त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तार किया गया ताकि न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अड़चन न आए।

अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा कि इस मामले में त्वरित और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। SIT ने गहन विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। उनके अनुसार, इन मामलों पर निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया चल रही है।

भावनाओं का सम्मान

सीएम ने कहा कि अंकिता केवल एक साधारण पीड़िता नहीं थीं, बल्कि वे हमारे समाज का हिस्सा थीं, हमारी बहन और बेटी। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी, जहां माता-पिता ने सीबीआई जांच का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले की CBI जांच कराने का निर्णय लिया।

भविष्य में सरकारी प्रयास

मुख्यमंत्री धामी ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार न्याय सुनिश्चित करने के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी और यह वादा किया कि किसी भी साक्ष्य या तथ्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने जनमानस को आश्वस्त किया कि हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि अंकिता को न्याय मिल सके।

इस निर्णय से मात्र अंकिता भंडारी के परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में एक संदेश गया है कि सरकार जनता की सुरक्षा और न्याय के प्रति प्रतिबद्ध है।

इसी संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए [India Twoday](https://indiatwoday.com) पर जाएं।

सादर,
टीम इंडिया टुडे, प्रिया शर्मा

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