उत्तराखंड न्यूज: श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ने 'प्रज्ञानम्' एआई चैटबॉट का किया विकास, जल्दी होगा लॉन्च
देहरादून: भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘प्रज्ञानम्’ नामक एआई आधारित चैटबॉट तैयार किया है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। ये चैटबॉट भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों पर जिज्ञासुओं के प्रश्नों का त्वरित और […] The post UTTARAKHAND NEWS: श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय ने तैयार किया ‘प्रज्ञानम्’ एआई चैटबॉट, जल्द होगा लॉन्च first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड न्यूज: श्री देव सुमन विश्वविद्यालय ने 'प्रज्ञानम्' एआई चैटबॉट का किया विकास, जल्दी होगा लॉन्च
कम शब्दों में कहें तो, भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने एक अनोखी पहल की है। विश्वविद्यालय ने 'प्रज्ञानम्' नामक एक एआई आधारित चैटबॉट तैयार किया है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।
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देहरादून: श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 'प्रज्ञानम्' नामक एआई चैटबॉट तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह चैटबॉट भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों पर जिज्ञासाओं का त्वरित और संदर्भ आधारित उत्तर देना सक्षम होगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. के. जोशी ने लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के सामने 'प्रज्ञानम्' चैटबॉट का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया और इसकी कार्यप्रणाली तथा उपयोगिता के बारे में जानकारी साझा की।
भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित AI चैटबॉट 'प्रज्ञानम्' का विकास
कुलपति प्रो. जोशी ने बताया कि 'प्रज्ञानम्' प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अनूठा संगम है। इस चैटबॉट को विशेष रूप से भारतीय ज्ञान प्रणाली से जुड़े विषयों जैसे वेद, उपनिषद, पुराण, प्राचीन भारतीय गणित, आयुर्वेद, दर्शन और भारतीय विज्ञान पर आधारित विस्तृत डाटाबेस के आधार पर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित प्रमाणित जानकारी डिजिटल माध्यम से सरल और त्वरित रूप में उपलब्ध कराना है।
नई शिक्षा नीति के तहत ज्ञान को डिजिटल रूप से बढ़ावा
कुलपति ने कहा कि भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत को आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए तकनीक का उपयोग अत्यंत आवश्यक है, और 'प्रज्ञानम्' इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह चैटबॉट विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए एक डिजिटल ज्ञान सहायक के रूप में कार्य करेगा और नई शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा में समाहित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
राज्यपाल ने नवाचार की पहल की सराहना की
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे ज्ञान और तकनीक के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, जिसे देवभूमि और ज्ञान की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है, वहां से इस प्रकार की नवाचारपूर्ण तकनीक का विकसित होना पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
वेबसाइट के माध्यम से आम लोगों के लिए होगा उपलब्ध
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 'प्रज्ञानम्' एआई चैटबॉट को शीघ्र ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि देश-विदेश के विद्यार्थी, शोधकर्ता और सामान्य नागरिक आसानी से भारतीय ज्ञान परंपरा को डिजिटल माध्यम से समझ और सीख सकें।
इस प्रकार, श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल भारतीय ज्ञान प्रणाली को बढ़ावा देने का काम करेगा, बल्कि यह वर्तमान डिजिटल युग में छात्रों और शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक साधन भी बनेगा। हमें उम्मीद है कि यह चैटबॉट यूजर्स के ज्ञान को और भी समृद्ध करेगा।
Team India Twoday - सुषमा पाठक
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