उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने जूडिशियम 2.0 सम्मेलन का उद्घाटन, जज एसोसिएशन के लिए ₹5 करोड़ की निधि घोषित
मुख्य उद्देश्य: 07 जून 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूपीईएस (UPES) बिधौली में उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के वार्षिक सम्मेलन “जूडिशियम 2.0 – इंक्लूज़न, एक्सेस एंड स्ट्रेंथनिंग“ में प्रतिभाग…
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने जूडिशियम 2.0 सम्मेलन का उद्घाटन
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 जून 2026 को यूपीईएस (UPES) बिधौली में आयोजित ‘जूडिशियम 2.0’ सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के लिए ₹5 करोड़ की कल्याण निधि की भी घोषणा की।
सम्मेलन का उद्देश्य
इस वार्षिक सम्मेलन का शीर्षक “इंक्लूज़न, एक्सेस एंड स्ट्रेंथनिंग” है, जिसका मुख्य उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय व्यवस्था के सुधार के लिए सभी हितधारकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों और प्रमुख कानूनविदों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने अपने उद्घाटन भाषण में न्यायिक सुधारों और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसा न्यायिक तंत्र विकसित करना है जो हर नागरिक की पहुंच में हो और जो उनकी जरूरतों के प्रति संवेदनशील हो।” उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और न्याय को सबके लिए सुलभ बनाने की आवश्यकता की बात की।
₹5 करोड़ की कल्याण निधि
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के लिए ₹5 करोड़ की कल्याण निधि की घोषणा की। यह निधि न्यायिक अधिकारियों के कल्याण और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न्यायपालिका में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है और इससे न्यायिक कर्मचारियों की क्षमता में वृद्धि होगी।
संगोष्ठी और कार्यशालाएँ
सम्मेलन में विविध संगोष्ठियों और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जहां न्यायधीशों ने अपनी समस्याओं, अनुभवों, और संघर्षों को साझा किया। यह प्लेटफार्म न्यायपालिका के भीतर संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर में तब्दील हुआ।
निष्कर्ष
इस सम्मेलन का आयोजन न केवल न्यायपालिका के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए एक नई दृष्टि एवं दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री धामी की कल्याण निधि की घोषणा ने न्यायिक अधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। न्यायपालिका को मजबूत करने की दिशा में यह पहल निश्चित रूप से महत्त्वपूर्ण रहेगी।
लोगों को जाति, धर्म और समाज से परे जाकर एक समानता के स्तर पर न्याय मिलने की आवश्यकता है, और इस सम्मेलन ने उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
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Team India Twoday
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