दिल्ली में CJP का ‘चलो संसद’ मार्च: अभिजीत दीपके हिरासत में, सुरक्षा व्यस्तता बढ़ी

नई दिल्ली:  संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने …

Jul 21, 2026 - 00:27
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दिल्ली में CJP का ‘चलो संसद’ मार्च: अभिजीत दीपके हिरासत में, सुरक्षा व्यस्तता बढ़ी
नई दिल्ली:  संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर राजधा

दिल्ली में CJP के ‘चलो संसद’ मार्च पर बवाल, अभिजीत दीपके का हिरासत में लेना

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कम शब्दों में कहें तो, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था और तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन में शामिल CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च ने राजधानी की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने के प्रयास में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजाम किए थे। करीब 5000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी देखने को मिलीं, जहाँ आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।

प्रदर्शन में उपस्थित नेताओं में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह सहित कई अन्य विपक्षी नेता शामिल थे। जब प्रदर्शनकारी रेल भवन और वायु भवन की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। सुरक्षा कारणों से संसद भवन के सभी गेट बंद कर दिए गए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने इस मंचन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी थी।

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि CJP के मार्च के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद, CJP ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन बनाए रखने की अपील की। इस प्रदर्शन के चलते इंडिया गेट मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ, जिससे डीएनडी फ्लाईवे पर लंबा जाम लग गया।

इस बीच, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो भी मार्च में शामिल हुईं। वांगचुक जो अभी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, उनके उपवास का क्रम जारी है।

राजधानी में CJP के इस प्रदर्शन ने केवल माहौल को गरमाया ही नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चाओं को भी तेज कर दिया है। यह स्पष्ट है कि देश में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर विवेकपूर्ण संवाद और कार्यवाही की आवश्यकता है। CJP का यह मार्च शायद इसी दिशा में एक पहल साबित हो सकता है।

अंततः, दिल्ली में इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना एक अधिकार है, किंतु उचित दिशा और शांति बनाए रखते हुए ही इसे अंजाम देना चाहिए।

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टीम इंडिया टुडे, प्रिया शर्मा

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