कांग्रेस ने NIEPVD के कर्मचारियों की पेंशन बंदी के खिलाफ समर्थन जताया, धस्माना ने राहुल गांधी से उठाने का किया वादा

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून के गेट पर धरना दे रहे सैकड़ों पेंशनभोगी और वर्तमान कर्मचारियों को उत्तराखंड कांग्रेस ने पूर्ण समर्थन दिया है। एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आज धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच खड़े होकर केंद्र सरकार के इस फैसले की …

Feb 5, 2026 - 09:27
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कांग्रेस ने NIEPVD के कर्मचारियों की पेंशन बंदी के खिलाफ समर्थन जताया, धस्माना ने राहुल गांधी से उठाने का किया वादा
देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून के गेट पर धरना दे रहे सैकड

कांग्रेस का NIEPVD कर्मचारियों की पेंशन बंदी के खिलाफ संगठित संघर्ष

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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड कांग्रेस ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) के कर्मचारियों के पेंशन बंदी के खिलाफ समर्थन दिया है। एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने राहुल गांधी से इस मुद्दे को संसद में उठाने का वादा किया है।

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) के समक्ष धरना दे रहे सैकड़ों पेंशनभोगियों और वर्तमान कर्मचारियों को उत्तराखंड कांग्रेस ने पूरी ताकत से समर्थन दिया है। एआईसीसी सदस्य और उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आज धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच खड़े होकर केंद्र सरकार के इस निंदनीय फैसले की कड़ी भर्त्सना की।

पेंशन बंद करने का मुद्दा संसद में उठाने का वादा

सूर्यकांत धस्माना ने स्पष्ट रूप से बताया कि NIEPVD के कर्मचारियों की पेंशन 1 जनवरी 2026 से बंद किए जाने का मुद्दा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सामने उठाने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह कल ही इस संदर्भ में राहुल गांधी को विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी देंगे।

केंद्र सरकार के निर्णय पर कड़ी निंदा

धस्माना ने कहा, “यह बेहद खेद की बात है कि दशकों से पेंशन पा रहे कर्मचारियों को अब पेंशन नहीं देने का निर्णय केंद्र सरकार के अधीन इस स्वायत्त संस्थान द्वारा लिया गया है। मोदी सरकार पूरी तरह से कर्मचारी, किसान, नौजवान और विद्यार्थी विरोधी है। इस सरकार ने मध्यम वर्ग और गरीब जनता के खिलाफ कई निर्णय लिए हैं।” उन्होंने पेंशन बंद करने को एक क्रूर कदम बताते हुए इसे वरिष्ठ नागरिकों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न कहा।

धार्मिक शोषण और जन-विरोधी फैसले

धस्माना ने आगे कहा कि मोदी सरकार धार्मिक शोषण कर रही है और सनातन धर्म एवं हिंदुत्व के नाम पर जन-विरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर हमेशा कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी।

धरने में शामिल नेता और प्रदर्शनकारी

धरने को एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश कुकरेती, उपाध्यक्ष हरीश पंवार, हिमांशु थापा, एस.सी. बिनजोला, और जगदीश लखेडा ने भी संबोधित किया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं, बुजुर्ग और वर्तमान कर्मचारी शामिल रहे।

NIEPVD और पेंशन की बहाली की मांग

NIEPVD (पूर्व में NIVH) दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए काम करने वाला प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है। यहाँ दृष्टिबाधित कर्मचारियों व पेंशनभोगियों की समस्याएँ लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारी एकजुट होकर मांग कर रहे हैं कि उनकी पेंशन को बहाल किया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।

इस मुद्दे पर सभाओं और चर्चाएँ जारी हैं, और कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह लगातार इस मुद्दे पर लोगों के साथ खड़ी रहेगी।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.

साभार, टीम इंडिया टुडे - आशा शर्मा

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