कुंभ 2027: हरिद्वार के साथ तीन अन्य जिलों में होगा विकास कार्य, मेले की तैयारियों का विस्तृत प्लान

हरिद्वार : आगामी हरिद्वार कुंभ में आस्था और विश्वास का संगम तो लगेगा ही साथ ही हरिद्वार के साथ साथ अन्य तीन जनपद में भी विकास की गंगा बहने जा रही है। दरअसल कुंभ मेला प्रशासन कुंभ के कार्यों के लिए देहरादून,ऋषिकेश, पौड़ी और टिहरी जनपद के क्षेत्रों का चुनाव भी किया है। इन जनपदों […] The post कुंभ 2027 में तीन अन्य जिलों में भी होगा विकास कार्य, पार्क, सड़क और घाटों को लेकर मेला प्रशासन ने बनाया प्लान first appeared on Vision 2020 News.

Sep 4, 2026 - 00:27
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कुंभ 2027: हरिद्वार के साथ तीन अन्य जिलों में होगा विकास कार्य, मेले की तैयारियों का विस्तृत प्लान
हरिद्वार : आगामी हरिद्वार कुंभ में आस्था और विश्वास का संगम तो लगेगा ही साथ ही हरिद्वार के साथ साथ

कुंभ 2027: हरिद्वार के साथ तीन अन्य जिलों में होगा विकास कार्य, मेले की तैयारियों का विस्तृत प्लान

हरिद्वार : आगामी हरिद्वार कुंभ में जहां आस्था का संगम देखने को मिलेगा, वहीं कुंभ मेले के प्रशासन ने विकास कार्यों की एक विस्तृत योजना तैयार की है। इस बार केवल हरिद्वार ही नहीं, बल्कि देहरादून, ऋषिकेश, पौड़ी और टिहरी जनपदों में भी विकास की महत्वपूर्ण गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में पार्क, घाटों और सड़कों का सुधार तथा सौंदर्यकरण की योजना बनाई गई है।

कुंभ मेले का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि पर्यटन एवं स्थानीय विकास को भी बढ़ावा देना है। मेला प्रशासन का कहना है कि इन जनपदों में विकास कार्यों से स्थानीय निवासियों को भी लाभ होगा और आने वाले भक्तों के लिए एक सुगम यात्रा का अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।

मेला प्रशासन ने सहारनपुर की ओर से आने वाले भक्तों का स्वागत विशेष रूप से तैयार किए गए "समुद्र मंथन" थीम वाले गेट के माध्यम से करने की योजना बनाई है। इस गेट के निर्माण पर लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मड़ावर क्षेत्र में इसका निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।

सड़क एवं घाटों का विकास

मेला अधिकारी सोनिका ने जानकारी दी कि इस बार ऋषिकेश में "आस्था पथ" का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इसके साथ ही गंगा घाटों का भी सुधार किया जाएगा। रोड्स का विकास कार्य भी कुंभ के दौरान महत्वपूर्ण रहेगा। देहरादून, टिहरी और पौड़ी जनपदों में घाट, पार्क और सड़क के कई सुधार कार्यों को तेजी से अंजाम देने की योजना है।

इस विकास योजना का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए भी अनेक अवसर प्रदान करेगा। कुंभ की तैयारी में स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ होगा, जो भक्तों की आवश्यकताओं को पूरा करने का कार्य करेंगे। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

समाज एवं संस्कृति का संवर्धन

कुंभ मेला केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि यह भारतीय समाज एवं संस्कृति का प्रतीक भी है। इस बार के कुंभ में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता को भी महत्व दिया जाएगा। इससे नए सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कला महोत्सवों का आयोजन किया जाएगा।

अधिकारी सोनिका ने आश्वासन दिया कि कुंभ की तैयारी में हर पहलू का ध्यान रखा जाएगा, जिससे कि भक्तों के लिए एक सुरक्षित और सुखद अनुभव प्राप्त किया जा सके।

कम शब्दों में कहें तो, कुंभ 2027 न केवल एक धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि इससे क्षेत्र में अवसंरचना में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा। इसके माध्यम से उम्मीद की जाती है कि हरिद्वार और इसके आस-पास के जनपदों में विकास की नई गंगा बहेगी।

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सादर,

टीम इंडिया ट्वोडे - राधिका वर्मा

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