गलगोटियास यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोट को अपना बताकर पेश करने का आरोप, एक्शन लिया गया

नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के एक्सपो क्षेत्र से ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटियास यूनिवर्सिटी को तुरंत स्टॉल खाली करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई समिट में यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग को लेकर उठे विवाद के बाद हुई है, जिसमें आरोप लगे हैं …

Feb 18, 2026 - 18:27
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गलगोटियास यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोट को अपना बताकर पेश करने का आरोप, एक्शन लिया गया
नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के एक्सपो क्षेत्र से ग्रेटर नो

गलगोटियास यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोट को अपना बताकर पेश करने का आरोप, एक्शन लिया गया

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कम शब्दों में कहें तो, ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटियास यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के एक्सपो से बाहर कर दिया गया है। विवाद उस समय बढ़ा जब विश्वविद्यालय ने एक रोबोटिक डॉग को अपनी तकनीक बताते हुए प्रदर्शित किया, जबकि यह वास्तव में एक चीनी कंपनी द्वारा निर्मित प्रोडक्ट था।

नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के एक्सपो क्षेत्र से गलगोटियास यूनिवर्सिटी को तत्काल स्टॉल खाली करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई समिट में विश्वविद्यालय द्वारा पेश किए गए एक रोबोटिक डॉग को लेकर उठे विवाद के चलते की गई है, जिसमें आरोप हैं कि इसे अपनी 'इन-हाउस' विकसित तकनीक बताकर प्रदर्शित किया गया, जबकि यह वास्तविकता में चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स का तैयार मॉडल है।

वीडियो के माध्यम से हुआ विवाद का खुलासा

विवाद की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय की एक प्रतिनिधि, जिन्हें प्रोफेसर नेहा सिंह बताया गया है, रोबोटिक डॉग "ओरियन" के विशेषताओं की जानकारी दे रही थीं। वीडियो में यह दावा किया गया कि यह यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विकसित किया गया है और इसे कैम्पस में सर्विलांस व मॉनिटरिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गलगोटियास यूनिवर्सिटी ₹350 करोड़ से अधिक की AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाली पहली प्राइवेट संस्था है।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस दावे की तुरंत पोल खोल दी। रोबोट की तस्वीरों और वीडियो की तुलना से यह स्पष्ट हुआ कि यह यूनिट्री गो2 (Unitree Go2) मॉडल है, जो चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी का कमर्शियल प्रोडक्ट है। भारत में यह रोबोट ऑनलाइन ₹2-3 लाख में आसानी से उपलब्ध है। कई यूजर्स ने इसे 'मेड इन इंडिया' इनोवेशन के नाम पर धोखा करार दिया और यूनिवर्सिटी पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया।

सरकारी कार्रवाई और सफाई

सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि विवाद बढ़ने और सोशल मीडिया पर भारी बवाल मचने के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी को एक्सपो क्षेत्र से तत्काल बाहर जाने के लिए कहा गया। यह कदम समिट की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाया गया, क्योंकि यह आयोजन भारत की AI क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था।

यूनिवर्सिटी की स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ने के बाद गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। विश्वविद्यालय ने कहा कि उसने कभी रोबोट को स्वयं विकसित करने का दावा नहीं किया है। यह यूनिट्री कंपनी से खरीदी गई एक डिवाइस है, जिसे छात्रों को रोबोटिक्स और AI की प्रायोगिक शिक्षा के लिए इस्तेमाल किया गया था। यूनिवर्सिटी ने इसे अकादमिक उद्देश्य से प्रयोग किए जाने वाला बताया और यह कहा, "हमने इस रोबोडॉग को कभी नहीं बनाया, न ही कभी ऐसा दावा किया।"

प्रोमोशनल कंटेंट पर सवाल

हालांकि, कई रिपोर्ट्स में वीडियो और पहले के प्रमोशनल कंटेंट का जिक्र है, जहां इसे इन-हाउस डेवलपमेंट से जोड़ा गया था, जिससे सफाई पर सवाल उठने लगे हैं। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां यूजर्स इसे 'इंटरनेशनल बेइज्जती' और भारतीय इनोवेशन के नाम पर धोखा बता रहे हैं। विपक्षी नेता और टेक कम्युनिटी ने भी पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं।

इस विवाद ने न केवल गलगोटियास यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भारतीय टेक इंडस्ट्री में पारदर्शिता और नैतिकता की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

युवाओं के लिए यह एक सीख है कि नवाचार और दावे करते समय स्वच्छता और सत्यता अत्यंत आवश्यक हैं। अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि हम अपनी उपलब्धियों को सही रूप में प्रस्तुत करें।

युवाओं को इस घटना को ध्यान में रखते हुए उनके अपने क्षेत्रों में वास्तविकता का पालन करना चाहिए। AI के क्षेत्र में विकास भारत की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है, इसे सच्चाई के आधार पर ही बढ़ावा देना चाहिए।

इसके साथ ही, उद्यमियों को भी यह याद रखना चाहिए कि सही जानकारी और नैतिकता उनके व्यवसाय का आधार है। हमारे देश की महानता इस बात में है कि हम अपने कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता को अपनाएं।

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सादर,

टीम इंडिया ट्वोडे, सुषमा शर्मा

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