गुलदार का आतंक जारी: पौड़ी में 42 वर्षीय राजेंद्र की हत्या से ग्रामीणों में गुस्सा

रैबार डेस्क: पौड़ी जनपद मुख्यालय के आसापास के गांवों में गुलदार आतंक कम होने का... The post पौड़ी में नहीं थम रहा गुलदार का आतंक, गजल्ट गांव में 42 साल के राजेंद्र को बनाया निवाला, ग्रामीणों में आक्रोश appeared first on Uttarakhand Raibar.

Dec 4, 2025 - 18:27
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गुलदार का आतंक जारी: पौड़ी में 42 वर्षीय राजेंद्र की हत्या से ग्रामीणों में गुस्सा
रैबार डेस्क: पौड़ी जनपद मुख्यालय के आसापास के गांवों में गुलदार आतंक कम होने का... The post पौड़ी में नही

गुलदार का आतंक जारी: पौड़ी में 42 वर्षीय राजेंद्र की हत्या से ग्रामीणों में गुस्सा

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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जनपद के लोगों में गुलदार के आतंक ने एक बार फिर से चिंता पैदा कर दी है। गजल्ट गांव में 42 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल की हत्या ने ग्रामीणों को गुस्से से भर दिया है।

पौड़ी जनपद मुख्यालय के आस-पास के गांवों में लगातार गुलदार के हमले हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। बुधवार की रात को एक बच्चे पर गुलदार ने हमला किया, जिससे वह घायल हो गया। लेकिन गुरुवार की सुबह गजल्ट गांव में गुलदार ने राजेंद्र को अपना शिकार बना लिया। यह घटना तब हुई जब राजेंद्र सुबह-सुबह मंदिर से पूजा करके घर लौट रहे थे। उनकी मौत की खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

राजेंद्र की हत्या की घटना

राजेंद्र नौटियाल, जो कि एक दूध विक्रेता थे, अपनी रोजाना की पूजा के बाद सुबह लगभग 7:30 बजे जब घर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में राजेंद्र तुरंत ही गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद गुलदार ने उनके शव को झाड़ियों की तरफ घसीट लिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।

ग्रामीणों का आक्रोश

यह घटना स्थानीय लोगों में भयंकर आक्रोश उत्पन्न कर चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। वे कहते हैं कि हर बार केवल पुलिस और निचले स्तर के कर्मचारियों को भेज कर स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जाती है, जबकि असली समस्या अभी भी बनी हुई है।

गांव के लोगों ने साफ कर दिया है कि जब तक प्रशासन के उच्च अधिकारी इस मामले की सुनवाई नहीं करते, तब तक वे राजेंद्र के शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं जाने देंगे। उनकी इस मांग को लेकर उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया था।

पौड़ी में बढ़ते गुलदार के हमले

गुलदार के आतंक में यह पहली घटना नहीं है। पहले भी 3 दिसंबर को पौड़ी के निकट कोट ब्लॉक में 4 वर्षीय बच्चे पर गुलदार ने हमला किया था, जिसके कारण वह घायल हुआ। इससे पहले 20 नवंबर को भी पौड़ी के कोटी गांव में एक महिला पर गुलदार ने हमला किया था। ये घटनाएं यह दर्शाती हैं कि पौड़ी क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर मामले को सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस विषय पर ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसे दु:खद मामलों से बचा जा सके। इससे न केवल गाँव का माहौल सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर होगा, बल्कि लोगों की जान का भी सुरक्षित रह सकेगा।

गुलदार के आतंक को समाप्त करने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस प्रयास की उम्मीद की है। मौजूदा समय में यह समस्या बढ़ती जा रही है, जो लोगों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है।

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Team India Twoday - Neha Sharma

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