चमोली में 11 साल के छात्र ने भालू से बचाई अपने दोस्त की जान, बढ़ रहा है भालुओं का आतंक

रैबार डेस्क : पहाड़ में भालुओं का आतंक लगातार बना हुआ है। भालू के आतंक... The post चमोली में भालू से भिड़ गया 11 साल का छात्र, बचाई साथी की जान, स्कूल जाते वक्त भालू ने किया हमला appeared first on Uttarakhand Raibar.

Dec 20, 2025 - 18:27
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चमोली में 11 साल के छात्र ने भालू से बचाई अपने दोस्त की जान, बढ़ रहा है भालुओं का आतंक
रैबार डेस्क : पहाड़ में भालुओं का आतंक लगातार बना हुआ है। भालू के आतंक... The post चमोली में भालू से भिड़ ग

चमोली में भालू के हमले का मामला, 11 वर्षीय छात्र ने दिखाई बहादुरी

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कम शब्दों में कहें तो, चमोली में एक 11 साल का छात्र अपने दोस्त की जान बचाने के लिए भालू से भिड़ गया। इस घटना ने क्षेत्र में भालुओं के आतंक को एक बार फिर से उजागर किया है।

हिमालय की ऊँचाई में बसे चमोली जिले में भालुओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब यह बच्चों के लिए गंभीर सुरक्षा मुद्दा बन गया है। घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार सुबह चमोली के जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर के कक्षा 7 के छात्र देवेश, अपने साथी पंकज के साथ स्कूल जा रहा था। मार्ग में, हरिशंकर आंगनबाड़ी के पास अचानक झाड़ियों से एक भालू बच्चा बाहर आया और देवेश पर हमला कर दिया।

देवेश के पैर पर भालू के नाखूनों के हल्के निशान आए थे, लेकिन सौभाग्यवश, उसके साथी पंकज ने तुरंत स्थिति को संभाला। उसने नजदीक से पत्थर उठाकर भालू पर फेंका और शोर मचाया, जिससे भालू भाग गया। दोनों बच्चे तुरंत अपने जीवन की रक्षा करते हुए स्कूल की ओर भागे।

घटनास्थल की जानकारी

सुबह लगभग पौने नौ बजे, कैलब गांव के निवासी देवेश और पंकज स्कूल की ओर निकल पड़े थे जब यह घटना हुई। भालू के हमले के बाद, उन्हें गंभीर चोटें आ सकती थीं, लेकिन पंकज की तुरंत की गई कार्रवाई ने बड़ा खतरा टाल दिया। इसके बाद, स्कूल के अध्यापक मनबर रावत ने घटना की रिपोर्ट वन विभाग को दी।

देवेश को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया। उप वन क्षेत्राधिकारी बीरेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि देवेश के पैर पर भालू के नाखूनों के हल्के निशान हैं, हालाँकि उसकी हालत स्थिर है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर सुरक्षित छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों की चिंता

हरिशंकर गांव की प्रधान ने बताया कि हाल के महीनों में कैलब, हरिशंकर, गनियाला और किमखोली गांवों में भालूओं का आतंक बढ़ गया है। सुरक्षा के कोई ठोस उपाय न होने से, स्कूल जाने वाले बच्चों और खेतों में काम करने वाली महिलाओं को खतरे का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में, गनियाला के छात्रों पर भी भालू ने हमला किया था।

मुख्यमंत्री धामी ने एक सप्ताह पहले निर्देश दिया था कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए एस्कॉर्ट प्रदान किया जाए, लेकिन इस घटना से एक बार फिर लोगों में अधिकारियों की लापरवाही की चिंता उत्पन्न हो गई है। नागरिकों का कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में अधिक गंभीर घटनाएँ हो सकती हैं।

इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए ताकि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस संदर्भ में स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि उसे तकनीकी सुरक्षा उपायों का सहारा लेना चाहिए, जैसे कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाना और बच्चों को स्कूल तक सुरक्षित ले जाने के लिए इंतजाम करना।

इस मामले पर अधिक जानकारी और ताजा अपडेट के लिए, कृपया India Twoday पर जाएं।

इस घटना ने न केवल स्थानीयवासियों को भयभीत किया है, बल्कि यह एक जागरूकता भी पैदा करती है कि हमें प्रकृति के साथ कैसे पेश आना चाहिए। हमारी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

— टीम इंडिया टुडे, नेहा भटनागर

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