जिला प्रशासन का नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम, ग्राफिक एरा में 150 छात्रों की रैंडम टेस्टिंग

रैबार डेस्क:  देहरादून डीएम सविन बंसल ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार व विद्यार्थियों में... The post ड्रग्स के खिलाफ जिला प्रशासन का एक्शन, ग्राफिक एरा में 150 स्टूडेंट की रैंडम टेस्टिंग, पॉजिटिव पाए गए तो डीन पर होगा एक्शन appeared first on Uttarakhand Raibar.

Dec 3, 2025 - 09:27
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जिला प्रशासन का नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम, ग्राफिक एरा में 150 छात्रों की रैंडम टेस्टिंग
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जिला प्रशासन का नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम, ग्राफिक एरा में 150 छात्रों की रैंडम टेस्टिंग

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून जिला प्रशासन ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से विद्यार्थियों को बचाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। ग्राफिक एरा ड्रीम यूनिवर्सिटी में 150 छात्रों की रैंडम टेस्टिंग की गई है, और पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित डीन पर कार्रवाई होगी।

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और छात्र-छात्राओं के बीच बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण के लिए एक सख्त अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में रोस्टर के अनुसार नशीले पदार्थों की टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इसके परिणाम स्वरूप ग्राफिक एरा ड्रीम यूनिवर्सिटी में आज 150 छात्रों की रैंडम सैम्पलिंग की गई। इस प्रक्रिया का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों से विद्यार्थियों को जागरूक करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

ड्रग्स टैस्टिंग की प्रक्रिया और इसके प्रभाव

जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, यदि किसी शिक्षण संस्थान में ड्रग टैस्टिंग के दौरान कोई विद्यार्थी पॉजिटिव पाया जाता है, तो उस संस्थान के डीन एवं प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य न केवल नशामुक्त राज्य का निर्माण करना है, बल्कि छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और भविष्य की भी रक्षा करना है।

जिलाधिकारी बंसल ने कहा है कि यह ड्राईव छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम सभी छात्रों और अभिभावकों को इस ड्राइव में सहयोग करने की अपेक्षा करते हैं, ताकि हम नशे के खतरे से विद्यार्थियों को बचा सकें।"

एंटी ड्रग्स कमेटी और हेल्पलाइन

जिले के सभी निजी एवं सरकारी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें एक छात्र और एक छात्रा की भागीदारी होगी। यह कमेटी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के अलावा सूचना देने के लिए भी सक्रिय रूप से काम करेगी। शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल और डिस्ट्रिक्ट डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन नंबर 9625777399 का प्रचार किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन रायवाला में 30 बैडेड नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कर रहा है और एम्स से समझौता कर 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

नशे की समस्या को हल करने के लिए स्कूल एवं कॉलेजों में छात्रों के हित में यह कदम उठाया गया है। यह न केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई है, बल्कि समाज के एक बड़े हिस्से को नशे की लत से बचाने का एक प्रयास भी है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर 9625777399 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्र और अभिभावक सहयोग के लिए संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष

जिला प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से विद्यार्थियों की भलाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। साफ़ है कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में एकजुटता और जागरूकता आवश्यक है। सभी छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की जाती है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और एक नशामुक्त समाज की ओर बढ़ें।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

सादर,
टीम इंडिया टुडे्व - अनुश्री शर्मा

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