टिहरी में मूसलधार बारिश से भारी नुकसान; बिलौंदी पुल पर दुकानों में घुसा मलबा और वाहन दबे
रैबार डेस्क: टिहरी के जौनपुर विकासखंड क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक बदले मौसम ने भारी... The post टिहरी में भारी बारिश से तबाही; बिलौंदी पुल के पास कई दुकानों में घुसा मलबा, वाहन दबे appeared first on Uttarakhand Raibar.
टिहरी में मूसलधार बारिश से भारी नुकसान; बिलौंदी पुल पर दुकानों में घुसा मलबा और वाहन दबे
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, टिहरी के जौनपुर विकासखंड में मूसलधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कई दुकानों में मलबा घुसने के कारण व्यापारी विकट स्थिति का सामना कर रहे हैं।
जौनपुर क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक मौसम के बदलाव ने सभी को चौंका दिया। इस अचानक हुई मूसलधार बारिश से भवान-नगुण मोटर मार्ग पर स्थित बिलौंदी पुल में तेज सैलाब आ गया, जिससे आधा दर्जन से अधिक दुकानों में मलबा घुस गया। इस घटना में एक कार और दो स्कूटी भी दब गईं, जिसके कारण इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जलस्तर में भारी वृद्धि
दोपहर के समय हुई यह अनियोजित बारिश अगलाड़ नदी का जलस्तर भी बढ़ा गई। इसके परिणामस्वरूप बिलौंदी पुल क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई। दुकानदारों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर बन गई, और उनमें हड़कंप मच गया। दुकानदार कुलवीर सिंह की दुकान में रखे 215 कट्टे सीमेंट भी बारिश के पानी में भीग कर खराब हो गए, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
राजस्व उप निरीक्षक अब्बुज चौधरी ने बताया कि 15 मई की शाम करीब तीन-चार बजे के बीच क्षेत्र में बहुत तेज बारिश हुई थी। बरसाती पानी का एकत्र होना मलबे के साथ मिलकर कुलवीर सिंह के कमरे और दुकान के अंदर घुस गया। इससे उनका घर और दुकान में रखा काफी सामान खराब हो गया। बिलौंदी के पास और 10 दुकानों में भी मलबा घुस गया, जिससे व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सड़क पर मलबा और इसका असर
सड़क पर मलबा एकत्रित होने के कारण नगुण-भवान-देहरादून स्टेट हाईवे काफी देर तक अवरुद्ध रहा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार भी वहां से गुजरते समय फंस गए और घंटों तक रास्ता खोलने का इंतजार करते रहे।
भविष्य की तैयारी और बढ़ती चिंताएँ
इस प्रकार की मौसम संबंधी घटनाओं के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए योजना बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। यह समय है जब सड़कों की उन्नति और जल निकासी प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारी की जा सके।
यही नहीं, राज्य के सभी नागरिकों को भी ऐसी आपात स्थितियों के प्रति जागरूक रहना होगा। स्थानीय मौसम विभाग को चाहिए कि वह समय-समय पर मौसम की पूर्वानुमान जानकारी साझा करे, ताकि नागरिक सही समय पर सतर्क हो सकें।
अंत में, हम सभी को चाहिए कि हम अपने आसपास की खबरों पर ध्यान दें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस प्रकार की नकारात्मक घटनाओं से बचने के लिए सामुदायिक प्रयास भी आवश्यक हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रभावित दुकानदारों और परिवारों की सहायता के लिए सरकार को तत्काल सहायता राशि प्रदान करनी चाहिए, जिससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को सहेज सकें।
इस घटना के बारे में और अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.
संपर्क: टीम इंडिया टुडे (सीमा शर्मा)
What's Your Reaction?