डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने रंगों के त्योहार होली पर क्षेत्रवासियों को दी शुभकामनाएं
ऋषिकेश । डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री, ने ऋषिकेश में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर क्षेत्रवासियों को रंगों के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान पहली बार मंच पर भक्त प्रहलाद एवं होलिका का आकर्षक मंचन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को बुराई पर अच्छाई की विजय […]
डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने रंगों के त्योहार होली पर क्षेत्रवासियों को दी शुभकामनाएं
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कम शब्दों में कहें तो, डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री, ने होली मिलन कार्यक्रम में अपने क्षेत्रवासियों को रंगों के इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम में एक आकर्षक नाटकीय प्रस्तुति का आयोजन किया गया, जिसमें भक्त प्रहलाद और होलिका के पात्रों को दर्शाया गया।
ऋषिकेश में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में डॉ. अग्रवाल ने उपस्थित जनसमूह को रंगों के इस महत्वपूर्ण पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि समाज में भाईचारा, प्रेम और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की महत्ता है, जो हमारी परंपराओं को मजबूती प्रदान करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान भक्त प्रहलाद और होलिका का मंचन विशेष रूप से आकर्षक रहा, जिसने सामूहिक रूप से बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। इसके साथ ही, विधि-विधान के अनुसार होलिका दहन भी किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। यह दहन सत्य, धर्म और सकारात्मकता का प्रतीक बना।
डॉ. अग्रवाल ने कहा, "हमें होली जैसे त्योहारों की आवश्यकता है, जो हमें एकजुट करने का कार्य करते हैं। ऐसे अवसरों पर सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है और नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।"
इस कार्यक्रम में जीतेन्द्र पाल पाठी, संदीप त्यागी, सुशील पाल, नीतीश पाल जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने भी भाग लिया। इस प्रकार का समारोह न केवल उत्साह और उमंग से भरा था, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हुआ।
अंत में, डॉ. अग्रवाल ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्योहार हमारे अंतर्मन में प्रेम, खुशियाँ और एकता के रंग भरता है। ऐसे आयोजनों से समाज में न केवल आपसी समझ बढ़ती है, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति की पहचान भी मिलती है।
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Team India Twoday, प्रियंका वर्मा
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