दुखद: पहाड़ों में गुलदार का आतंक, जयहरीखाल में डेढ़ साल की बच्ची का शिकार

रैबार डेस्क: पहाड़ों में जंगली जानवरों की दहशत से जान जाने का सिलसिला जारी है।पौड़ी... The post दुखद:पहाड़ में जारी गुलदार का आतंक, जयहरीखाल में डेढ़ साल की बच्ची का किया शिकार appeared first on Uttarakhand Raibar.

Jan 25, 2026 - 18:27
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दुखद: पहाड़ों में गुलदार का आतंक, जयहरीखाल में डेढ़ साल की बच्ची का शिकार
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दुखद: पहाड़ों में गुलदार का आतंक, जयहरीखाल में डेढ़ साल की बच्ची का शिकार

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कम शब्दों में कहें तो, पौड़ी जिले में गुलदार के आतंक ने एक और जान ली।

रैबार डेस्क: उत्तराखंड के पौड़ी जिले के जयहरीखाल विकासखंड के ग्राम पंचायत बरस्वार में शनिवार शाम को एक जंगली गुलदार ने डेढ़ वर्षीय याशिका को अपना शिकार बना लिया। इस घटना ने परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ों में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों से उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।

दुर्भाग्यपूर्ण घटना

जानकारी के अनुसार, याशिका अपने माता-पिता के साथ शाम लगभग 6:30 बजे घर के आंगन में खेल रही थी। अचानक, एक गुलदार आया और उसे झपट्टा मारकर उठा ले गया। याशिका के माता-पिता चीख-पुकार मचाते रह गए, लेकिन उन पर किसी का ध्यान नहीं गया। जब शोर सुनकर लोग इकट्ठा हुए, तब उन्होंने स्थानीय जंगल में याशिका को खोजने की कोशिश की।

शव का मिलना और परिवार का आक्रोश

काफी प्रयासों के बाद, रात लगभग 9 बजे याशिका का शव जंगल में बुरी हालत में बरामद हुआ। इस घटना ने जितेंद्र लाल के परिवार में कोहराम मचा दिया है। इतना ही नहीं, इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश भी फैला हुआ है। कई लोगों ने जंगल में घूमते जंगली जानवरों से सुरक्षा की मांग की है।

सुरक्षा का संकट

यह घटना लैंसडौन वन विभाग के पालकोट जंगल क्षेत्र में हुई है, जिसे देखकर साफ है कि जंगली जानवरों की बढ़ती संख्या और उनके हमलों ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। स्थानीय पंचायत ने प्रशासन से सुरक्षा के ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि आगे ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है कि जंगली जानवरों का मानव आवास के पास रहना किस प्रकार खतरनाक हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने बाल-बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए रात के समय घर के बाहर निकलने में डर लग रहा है।

हमारे देश की जंगल संरक्षण नीति में भी ऐसे मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कम किया जा सके। इसके लिए महत्वपूर्ण है कि प्रशासन और वन विभाग मिलकर सख्त कदम उठाएं ताकि जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस दुखद घटना से हमें यह सीखने की आवश्यकता है कि हमें जंगली जानवरों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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टीम इंडिया टुडे, सुजाता वर्मा

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