दून दशहरा 2023: 181 फीट का रावण, भव्य आयोजन की तैयारी
देहरादून। देहरादून में इस बार दशहरे पर कुछ ऐसा होने जा रहा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। परेड ग्राउंड में 181 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा, जो इस साल के आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बनेगा। दशहरे पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए इस बार प्रवेश व्यवस्था और […] The post दून दशहरा होगा भव्य! 181 फीट के रावण का होगा दहन first appeared on Vision 2020 News.
दून दशहरा 2023: 181 फीट का रावण, भव्य आयोजन की तैयारी
देहरादून। इस वर्ष देहरादून में दशहरे का आयोजन पहले से कहीं अधिक बड़े और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। 20 अक्टूबर को परेड ग्राउंड में 181 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा, यह आयोजन इस साल का सबसे आकर्षक केंद्र होगा। भारी भीड़ को देखते हुए व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए बन्नू बिरादरी ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
भविष्य में साझा अनुभव
कम शब्दों में कहें तो, पिछले साल 121 फीट ऊंचे रावण का दहन करते हुए देहरादून के निवासियों ने एक नया अनुभव प्राप्त किया था। इस बार वे 181 फीट ऊंचे रावण के प्रभावशाली दृश्य का आनंद लेने के लिए तैयार हैं। यह परंपरा केवल एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह विजय की कहानी को कायम रखने का एक प्रतीक है।
रविवार 20 अक्टूबर: रावण का दहन
इस खास आयोजन में रावण के साथ-साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ के 70-70 फीट ऊंचे पुतले भी शामिल होंगे। यह भव्यता केवल पुतलों तक ही सीमित नहीं है, मैदान में भव्य लंका भी तैयार की जा रही है, जो दर्शकों को उस समय की याद दिलाएगी जब राम ने लंका पर आक्रमण किया था। इस बार, दर्शकों को एक अद्वितीय अनुभव प्राप्त होगा, जो दून दशहरे की स्मृतियों में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
आयोजन पर होगी विशेष राशि का खर्च
इस भव्य आयोजन में करीब 21 लाख रुपये खर्च होने की योजना है। पिछले साल के मुकाबले यह राशि 5 लाख रुपये ज्यादा है। आयोजकों का लक्ष्य इस बार पुतलों की ऊंचाई बढ़ाकर और आयोजनों को भव्य बनाकर एक अभूतपूर्व अनुभव प्रदान करना है।
सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शक अनुभव
दर्शकों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रवेश व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। लोगों की आवाजाही को सुचारू करने के लिए अलग-अलग एंट्री रूट निर्धारित किए जाएंगे, जिससे कि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया है कि सुरक्षा के सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए, ताकि प्रत्येक दर्शक इस अद्वितीय अवसर का आनंद ले सके।
निष्कर्ष
इस बार का दून दशहरा आयोजन न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह सामुदायिक एकता और संस्कृति का प्रतीक भी बनता जा रहा है। रामायण की कथा को जीवित रखकर इस आयोजन ने न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एक महत्व रखता है। 20 अक्टूबर का दिन निश्चित रूप से देहरादूनवासियों के लिए ऐतिहासिक होने जा रहा है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday के लिए जुड़े रहें। इसके अलावा अधिक समाचार के लिए हमारे पोर्टल पर अवश्य जाएँ India Twoday.
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