इंडिया गेट पर धरना: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाई
रैबार डेस्क : अंकिता भंडारी केस में कथित वीआईपी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल... The post दुष्यंत को राज्यपाल बनाने के खिलाफ इंडिया गेट पर अंकिता के माता पिता का धरना, राहुल प्रियंका भी पहुंचे appeared first on Uttarakhand Raibar.
इंडिया गेट पर धरना: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाई
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कम शब्दों में कहें तो, अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट पर धरना दिया, जिसमें राहुल और प्रियंका गांधी भी शामिल हुए।
हाल ही में सामने आए अंकिता भंडारी केस में, परिवार ने वीआईपी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ अपनी बेटी को न्याय दिलाने की खातिर इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन किया। परिवार की मांग है कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को रोका जाए।
धरने का उद्देश्य
अंकिता भंडारी के माता-पिता ने राष्ट्रपति से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि मामले में जिन वीआईपी का जिक्र अंकिता की चैट में है, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, दुष्यंत गौतम को सदन का एक महत्वपूर्ण पद दिया गया है। इससे न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीबीआई जांच की मांग
परिवार ने पिछले कई दिनों से सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन किया है। परिवार का आरोप है कि सीबीआई जांच की शुरुआत के बाद से अब तक मामले में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। सीबीआई की जांच किसी तीसरे पक्ष की याचिका के अनुसार शुरू की गई है, जिससे परिवार की चिंताएं और बढ़ गई हैं। इस संबंध में वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि न्याय का यह इंतजार बहुत लंबा हो गया है और उनकी बेटी के मामले में निष्पक्षता की आवश्यकता है।
राहुल और प्रियंका गांधी का समर्थन
धरने की सूचना पाते ही, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से भेंट की। प्रियंका गांधी भी उनके साथ उपस्थित रहीं। राहुल गांधी ने अंकिता की माता-पिता को न्याय का आश्वासन देते हुए कहा कि वह उनकी हर संभव मदद करेंगे।
राहुल ने कहा, "चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय नहीं मिला है, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम मिल गया है। यह बेहद निराशाजनक है कि ऐसे मामले में ऐसे व्यक्तियों को सत्ता में रखा जा रहा है, जबकि पीड़ितों को न्याय की तलाश है।"
संविधान और न्याय की आवश्यकता
यह धरना न सिर्फ अंकिता भंडारी के परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण आवाज है। न्याय की जरूरत को समझते हुए सभी राजनीतिक दलों को ऐसे मामलों में खुलकर विचार करने की आवश्यकता है। दुष्यंत गौतम की राज्यपाल बनने की घोषणा के बाद न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है।
अंकिता भंडारी केस के बहाने यह मुद्दा और भी गंभीर बन गया है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसी कार्रवाइयों को रोके और सुनिश्चित करे कि खासकर महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले व्यक्तियों को किसी भी प्रकार के सुरक्षा का तोहफा न दिया जाए।
अंकिता भंडारी के माता-पिता का यह धरना एक गूंज है, जो समाज को न केवल जागरूक करता है, बल्कि न्याय की दिशा में मजबूती से खड़े होने का भी संदेश देता है।
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Team India Twoday — माया शर्मा
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