दूषित पानी की समस्या का समाधान: कुमाऊं आयुक्त ने की सख्त कार्रवाई, अफसरों को दी फटकार

हल्द्वानी के कई इलाकों में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने बुधवार को हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में संबंधित विभागों…

Jan 15, 2026 - 00:27
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दूषित पानी की समस्या का समाधान: कुमाऊं आयुक्त ने की सख्त कार्रवाई, अफसरों को दी फटकार
हल्द्वानी के कई इलाकों में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं आयुक्त

दूषित पानी की समस्या का समाधान: कुमाऊं आयुक्त ने की सख्त कार्रवाई

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कम शब्दों में कहें तो, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी में दूषित पेयजल आपूर्ति की गंभीर समस्या पर सख्त कदम उठाए हैं।

हल्द्वानी में दूषित पेयजल का संकट

हल्द्वानी के कई इलाकों में पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायतों के चलते कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने बुधवार को हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और इस चुनौती का समाधान खोजने के लिए सुझाव दिए।

बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु

बैठक में विशेष चर्चा गोला नदी से हल्द्वानी को दी जा रही मटमैले पानी की समस्या पर हुई। इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों को सख्त फटकार लगाते हुए आयुक्त ने आदेश दिया कि जल संस्थान, राजकीय सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर एक ठोस योजना तैयार करें।

जन स्वास्थ्य पर प्रभाव

दूषित पेयजल आपूर्ति का सीधा असर स्थानीय जन स्वास्थ्य पर पड़ता है। कई क्षेत्रों में लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, और यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। ऐसे में प्रशासन का यह सख्त रुख निश्चित रूप से इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक है।

आयुक्त का ध्यान और सुझाव

दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे न केवल मौजूदा संकट का समाधान करें, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए भी प्रभावी कदम उठाएं। आयुक्त ने स्थानीय नागरिकों की आवश्यकताओं को सुनने और उनके सुझावों का सम्मान करने का भी महत्त्व बताया।

भविष्य की रणनीतियाँ

आयुक्त ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग जल्द ही एक कार्य योजना प्रस्तुत करेंगे, जिसका उद्देश्य सिर्फ दुषित पानी की समस्या को खत्म करना नहीं, बल्कि पानी की गुणवत्ता को स्थायी रूप से सुधारना भी होगा। यह जन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने में सहायक होगा।

इस प्रकार, कुमाऊं आयुक्त का यह सख्त रुख स्थानीय प्रशासन के लिए एक उदाहरण स्थापित करता है कि किस तरह से गंभीर समस्याओं के प्रति जिम्मेदारी लेना और तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक है।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे - राधिका शर्मा

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