धामी सरकार का मौनपालन नीति से 10 हजार रोजगार का सृजन, कैबिनेट ने दी मंजूरी
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नए वित्त वर्ष में मंत्रिमंडल की... The post मौनपालन से 10 हजार रोजगार देगी धामी सरकार, कैबिनेट ने मौनपालन नीति को दी मंजूरी appeared first on Uttarakhand Raibar.
धामी सरकार का मौनपालन नीति से 10 हजार रोजगार का सृजन, कैबिनेट ने दी मंजूरी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की धामी सरकार ने मौनपालन नीति को मंजूरी देकर 10 हजार रोजगार के अवसर पैदा करने का दावा किया है। इस नीति के तहत, शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिस पर कैबिनेट की पहली बैठक में मुहर लगाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इनिशिएटिव
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नए वित्त वर्ष में कैबिनेट की पहली बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें मौनपालन नीति का प्रस्ताव भी शामिल था। यह नीति राज्य में मधुमक्खी पालन बढ़ाने के लिए बनाई गई है।
मौनपालन का महत्व
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए, राज्य के आबादी से लगे वन क्षेत्रों में विशेष प्रयास किए जाएंगे। उत्तराखंड, जिसमें 71.05 प्रतिशत वन क्षेत्र है, अब शहद उत्पादन के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनने की दिशा में बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
मौखिकीकरण की इस नीति के तहत, शहद उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की योजना है। मौनबाक्स पर सब्सिडी सहित अन्य लाभकारी कदम उठाए जाएंगे। वर्तमान में, राज्य में प्रतिवर्ष 3300 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन होता है और 10,000 से अधिक लोग मौनपालन से जुड़े हैं।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
किसानों और आम जनता की भलाई के लिए, कैबिनेट ने अन्य कई महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लगाई है।
- उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई।
- शहरी विकास विभाग में कुंभ मेला के कार्यों की स्वीकृति आसान की जाएगी।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय की गई।
- परिवहन निगम को 200 नई बसें खरीदने की मंजूरी दी गई।
- अल्पसंख्यक शिक्षा प्राथमिकता के तहत 452 मदरसों को मान्यता दी जाएगी।
राज्य की वन विभाग में भी कई बदलाव किए गए हैं। वन दरोगा और वन आरक्षी की आयु सीमा में बदलाव किया गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मौनपालन नीति का प्रभाव
राज्य सरकार की मौनपालन नीति से न केवल रोजगार का सृजन होगा, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। मधुमक्खियाँ, कृषि के लिए आवश्यक परागण का कार्य करती हैं, जिससे कृषि उपज में सुधार होता है। यह नीति ग्रामीण स्तरीय विकास, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित होगी।
धामी सरकार के इस नए प्रयास से प्रदेश में लोगों की आय दुगनी होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य है कि हर घर में मौनपालन का लाभ पहुंचाया जा सके, जिससे ग्रामीण समुदायों की आय में सुधार हो सके।
इस नीति के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि यह स्थानीय उत्पादों के विपणन और ब्रांडिंग को भी बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, उत्तराखंड को शहद उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रमुख राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा।
अंत में, हम आशा करते हैं कि यह नीति राज्य के ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को सुधारने का कार्य करेगी।
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सादर, टीम इंडिया टुडे - सुमन कुमारी
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