प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV: 10,000 किमी सड़कों की मंजूरी, उत्तराखंड और 6 अन्य राज्यों का विकास
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे पहाड़ी एवं चुनौतीपूर्ण राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 10,000 किलोमीटर से अधिक की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। यह …
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV: उत्तराखंड सहित 6 राज्यों को 10,000+ किमी सड़कों की मंजूरी, ग्रामीण विकास को नई गति
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कम शब्दों में कहें तो, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के लिए महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की मंजूरी दी है, जिससे 10,000 किमी से अधिक सड़कें विकसित होंगी।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने हाल ही में पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह निर्णय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लिया गया है, जिसने विशेष रूप से पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के लिए यह योजना लागू की है। इस कदम से न केवल अवसंरचना सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी, बल्कि यह विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सरकारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
उत्तराखंड के लिए एक नई उम्मीद
उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए यह योजना विशेष रूप से राहत भरी खबर है। कठिन भू-आकृति, ऊंची चोटियों और दूरस्थ गांवों के कारण कई इलाके वर्षभर अलग-थलग रहते हैं। नई सड़कों के निर्माण से राज्य के हजारों पिछड़े गांवों को बारहों महीने कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बाजार पहुंच, और रोजगार के अवसर सुलभ हो जाएंगे। इससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा।
सड़कों का नेटवर्क और विकास
इस मंजूरी के तहत कुल 3,270 पहले से अलग-थलग बस्तियों का जुड़ना तय है। ये सड़कों का नेटवर्क दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर विभिन्न ग्रामीण समुदायों तक विस्तारित होगा। इससे न केवल अवसंरचना का विकास होगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह ग्रामीण जीवन में गहरा और सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित होगा।
PMGSY-IV का मुख्य उद्देश्य
PMGSY-IV के तहत मुख्य लक्ष्य 2011 की जनगणना के आधार पर असंबद्ध बस्तियों को जोड़ना है:
- मैदानी क्षेत्रों में 500+ जनसंख्या वाली बस्तियों को जोड़ना।
- पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों (जैसे उत्तराखंड) में 250+ जनसंख्या वाली बस्तियां।
- विशेष श्रेणी क्षेत्रों (जनजातीय अनुसूची V, आकांक्षी जिले/ब्लॉक, मरुस्थलीय क्षेत्र) में 25,000 असंबद्ध बस्तियों को जोड़ना।
- नक्सल प्रभावित जिलों में 100+ जनसंख्या वाली बस्तियों को जोड़ना।
- इस योजना के अंतर्गत कुल 62,500 किलोमीटर लंबी हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कें और आवश्यक पुलों का निर्माण किया जाएगा।
आर्थिक पहल और बजट आवंटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक इस योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी थी। इस योजना के लिए कुल परिव्यय 70,125 करोड़ रुपयों का रखा गया है, जिसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 49,087.50 करोड़ रुपये और राज्य सरकारों का हिस्सा 21,037.50 करोड़ रुपये शामिल है। यह आर्थिक पहल ग्रामीण क्षेत्र के विकास को न केवल तेज करने में मदद करेगी, बल्कि स्थानीय व्यवसायों एवं अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
इस योजना के सफल कार्यान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा और अंततः भारत के विकास की राह में एक नया अध्याय प्रारम्भ होगा।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, प्रियंका शर्मा
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