भरमौर में 6 दुकानों में लगी आग:सिलेंडर फटने के कारण तेजी से फैली; 1 पिकअप जलकर खाक, लाखों का नुकसान
हिमाचल में पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे स्थित लूणा पुल पर बुधवार रात एक बड़ा अग्निकांड हो गया। रात करीब 11 बजे अचानक आग लगने से 6 अस्थाई दुकानें और एक पिकअप इसकी चपेट में आ गई। इससे लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है। इस हादसे में एक ढाबा, एक चाइनीज फास्ट फूड की दुकान, एक मोटर मैकेनिक की दुकान, एक टायर शॉप और एक होटल पूरी तरह जलकर राख हो गया। दुकानों में रखा सारा सामान भी पूरी तरह जल गया। एलपीजी सिलेंडर फटने से आग ने भयंकर रूप लिया दुकान में रखे एलपीजी सिलेंडर फटने से आग ने भयंकर रूप ले लिया और साथ लगते जंगल में फेल गई। इससे आग साथ लगते कई गांव की तरफ फैलने लगी थी। तभी स्थानीय लोगों ने दमकल कर्मियों को सूचना दी। दुकानें जलने के बाद जंगल में फैली आग दमकल कर्मियों ने सूझबूझ के साथ पहले दुकान में लगी आग पर काबू पाया। इससे बाजार में दूसरी दुकानें जलने से बच गई। इसके बाद जंगल में फैली आग को बुझाया गया और साथ लगते गांव को सुरक्षित किया गया। मगर तब तक 6 दुकानें और पिकअप जलकर राख हो गई थी। स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

भरमौर में 6 दुकानों में लगी आग: सिलेंडर फटने के कारण तेजी से फैली
News by indiatwoday.com
घटना का विवरण
भरमौर क्षेत्र में एक भयानक आग ने 6 दुकानों को अपने चपेट में ले लिया। आग लगने का कारण एक गैस सिलेंडर का फटना बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन आग की तीव्रता ने सभी को हैरान कर दिया। इस आग ने एक पिकअप वाहन को भी जलाकर खाक कर दिया, जिससे लाखों का नुकसान हुआ।
आग लगने की घटना कैसे हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिलेंडर के फटने के बाद आग तेज़ी से बढ़ी और आसपास की दुकानों तक पहुंच गई। आग में जलने वाली दुकानों में कपड़े, खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। यह घटना स्थानीय व्यापारियों के लिए एक बड़ा झटका है, जोकि आर्थिक दृष्टि से बेहद प्रभावी साबित हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल कार्रवाई की। अग्निशामक दल ने आग को बुझाने के लिए कई घंटों तक प्रयास जारी रखा। इसके अलावा, प्रशासन ने प्रभावित व्यापारियों की मदद के लिए भी कदम उठाने की योजना बनाई है।
लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय समुदाय को चिंतित कर दिया है। कई लोग आग लगने के कारणों को लेकर सवाल उठा रहे हैं और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियमों और जांचों की आवश्यकता है।
आर्थिक नुकसान का आकलन
इस आग की वजह से अनुमानित लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। प्रभावित दुकानों के मालिक अब अपने व्यवसाय को वापस पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आर्थिक नुकसान पर विचार करते हुए, स्थानीय सरकार को तत्काल सहायता की आवश्यकता है।
भविष्य के लिए सुरक्षा उपाय
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए, स्थानीय प्रशासन को आग सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। नियमित रूप से जांचें और नागरिकों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
इस घटना से हमें यह सीखने का मौका मिलता है कि हम कितनी भी सावधानी क्यों न बरतें, प्राकृतिक आपदाओं का अचानक आना असम्भव है।
याद रखें, ऐसे घटनाओं की रोकथाम हमारी जिम्मेदारी है। सुरक्षित रहें और सावधानी बरतें।
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