पंजाब किंग्स से शुरू हुआ अंबाला के वैभव का सफर:हेड, ईशान किशन और क्लासन का विकेट लेकर चमके, पिता चलाते थे डेयरी
आईपीएल 2025 में कोलकाता के चौथे मैच में अंबाला के वैभव अरोड़ा ने बेहतरीन छाप छोड़ी है। वैभव ने चार ओवर के स्पेल में महज 29 रन देकर 3 बड़े विकेट झटके। इसके साथ ही उन्होंने एक ओवर मेडिन भी निकाला। जिस वजह से कोलकाता ने हैदराबाद पर इतनी बड़ी जीत हासिल की। बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत उनको कल के मुकाबले में मेन ऑफ द मैच भी चुना गया। जिसके बाद अंबाला में बैठे उनके परिजनों को भी खूब खुशी हुई है। इसके साथ ही वैभव की दमदार गेंदबाजी देखने के बाद अंबाला के क्रिकेट प्रेमी भी काफी खुश हुए। पहले ओवर में ही झटका पहला विकेट मैच में कोलकाता ने हैदराबाद को 200 रन के विशाल स्कोर का टारगेट दिया। जिसके बाद कोलकाता की टीम ने पहला ही ओवर वैभव अरोड़ा को दिया। क्रीज पर खड़े ट्रेविस हेड को पहली बॉल की। जिसपर हेड ने उनको चौका जड़ दिया। जिसके बाद वैभव ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और दूसरी गेंद पर ही हर्षित राणा के हाथ हेड को कैच करा दिया। उसके बाद उन्होंने एक के बाद एक स्टार बल्लेबाज ईशान किशन, क्लासन को पवेलियन वापस भेजा। शुरू से ही तेज गेंदबाज बनना चाहते थे वैभव वैभव के पिता गोपाल अरोड़ा ने बताया कि वैभव की शुरू से तेज गेंदबाजी में रुचि रही। वह पहले से ही कई तेज गेंदबाजों को देखकर अपनी तैयारी करते थे। जसप्रीत बुमराह आदि से वह प्रेरणा लेते थे। जिसकी बदौलत आज वह इस मुकाम पर हैं। वह कक्षा आठ से ही तेज गेंदबाजी की तैयारी शुरू करने में जुट गए थे। 1 करोड़ 80 लाख रुपए में बिके वैभव के पिता गोपाल अरोड़ा ने बताया कि वैभव को इस साल कोलकाता ने 1 करोड़ 80 लाख रुपए में खरीदा है। इससे पहले भी वह आईपीएल खेलते थे। वह तीन साल पहले पंजाब के लिए भी खेले थे। जिसमें उनको 2 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। स्केटिंग का भी था शौक पिता गोपाल अरोड़ा के अनुसार, उनकी क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भी रुचि थी। वह सबसे पहले स्केटिंग में करियर बनाना चाहते थे। लेकिन, अंबाला में स्केटिंग का इतना स्कोप नहीं मिल सका। जिस वजह से उन्होंने फिर अपना पूरा ध्यान क्रिकेट के ऊपर ही केंद्रित किया। आज वह क्रिकेट में ही अपना मुकाम बना रहे हैं। नीली जर्सी में देखना है सपना वैभव के पिता गोपाल अरोड़ा और मां ममता अरोड़ा का कहना है कि कल के प्रदर्शन के बाद बेहद खुशी है। लेकिन, असली खुशी तब मिलेगी जब बेटा भारत के लिए खेलेगा। उन्होंने कहा कि जब से वह हिमाचल के लिए रणजी खेलता था, तभी से सपना है कि वह भारत के लिए किसी बड़े टूर्नामेंट में खेले। तभी जाकर उसकी मेहनत सफल होगी। रिश्तेदार देते थे ताना वैभव की मां ममता अरोड़ा ने बताया कि जब हम बेटे को क्रिकेट के लिए बढ़ावा देते थे तो रिश्तेदार ताना देते थे। लेकिन, उन्होंने रिश्तेदारों के तानों को सहकर बेटे को आगे बढ़ाया। आज वही लोग उनको फोन कर बधाई देते हैं। उन्होंने कहा रिश्तेदारों को और मां-बाप को बच्चों के इंटरेस्ट का ख्याल रखना चाहिए। आगे जाकर अपने इंटरेस्ट में ही बच्चा नाम कमा सकता है। पिता करते थे डेयरी, मां गृहिणी आईपीएल की कोलकाता के खिलाड़ी वैभव अरोड़ा के पिता गोपाल अरोड़ा अब से तीन साल पहले तक डेयरी का काम करते थे। जब वैभव को पंजाब ने आईपीएल में खरीदा तो उन्होंने पिता का सारा काम बंद करा दिया। डेयरी में रखी भैंस और गाय भी बेच दी। अब माता पिता बेटे के साथ उसके नए घर में ही शिफ्ट हो गए हैं। छोटा भाई भी बनना चाहता है वैभव जैसा वैभव अरोड़ा का छोटा भाई भी बड़े भाई जैसा खेलना चाहता है। वह अभी से तैयारी में जुट गया है। इसके साथ ही कई टूर्नामेंट भी खेलता है। छोटे भाई नमन का कहना है कि उसको अपने बड़े भाई को देखते हुए गर्व महसूस होता है। उनका कहना है कि वह भी उन जैसे बनने के लिए तैयारी कर रहे हैं। स्कूल टाइम में ही करते थे प्रैक्टिस पिता गोपाल अरोड़ा के अनुसार वैभव ने कभी कोई स्पेशल प्रेक्टिस नहीं की। जितना कुछ सीखा है स्कूल में गेम पीरियड के दौरान और खुद से प्रैक्टिस के दौरान। वह हमेशा टीवी पर फास्ट बॉलरों को देखा करते थे। जिसके बाद वह उनकी तरह ही बॉल करने का प्रयास करते थे। 2022 में मिला था पहला चांस अंबाला के वैभव अरोड़ा को पहली बार पंजाब किंग्स की टीम ने अपने साथ शामिल किया था। उनको दो करोड़ रुपए में पंजाब की टीम ने खरीदा था। उस सीजन में वह कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। जिसके बाद उनको 2023 में कोलकाता ने खरीद लिया। तब से ही वह कोलकाता की टीम का हिस्सा हैं।

पंजाब किंग्स से शुरू हुआ अंबाला के वैभव का सफर
हाल ही में पंजाब किंग्स के युवा खिलाड़ी वैभव का शानदार प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। अंबाला के इस प्रतिभाशाली क्रिकेटर ने अपनी मेहनत और लगन से क्रिकेट की दुनिया में जगह बनाई है। वैभव ने हाल ही के मैच में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हुए हेड, ईशान किशन और क्लासन के विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा। इस विशेष उपलब्धि ने न केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता को साबित किया, बल्कि अंबाला के क्रिकेटिंग क्षेत्र में भी एक नई लहर का संचार किया।
वैभव का क्रिकेट करियर
वैभव का क्रिकेट करियर बहुत ही प्रेरणादायक है। उनके पिता द्वारा चलायी जा रही डेयरी ने उन्हें हमेशा अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को समझते हुए क्रिकेट को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शुरुआत में, वैभव को स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंटों में भाग लेना पड़ा, जहां उनकी प्रतिभा ने सबका ध्यान खींचा।
पंजाब किंग्स में शामिल होना
पंजाब किंग्स ने जब वैभव को अपनी टीम में शामिल किया, तो यह उनके करियर का टर्निंग पॉइंट रहा। जो न सिर्फ उनके लिए, बल्कि अंबाला के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना। वैभव ने अपनी गेंदबाजी से न सिर्फ खुद को बल्कि अपनी टीम को भी कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई।
पिता का योगदान
वैभव की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ है। उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और इस बात का ध्यान रखा कि वैभव को खेल के लिए पर्याप्त समय मिले। डेयरी चलाने के साथ-साथ, उनके पिता ने यह सुनिश्चित किया कि वैभव क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर सके। यह समर्पण और मेहनत ही वैभव को इस मुकाम पर लाने में सहायक रही।
इस प्रकार, पंजाब किंग्स से शुरू हुआ अंबाला के वैभव का सफर हमें यह सिखाता है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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