महानिदेशक वंदना सिंह की आधुनिक कृषि पहल: गैर-मौसमी और एग्जॉटिक सब्जियों के लिए नई दिशा

कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में महानिदेशक वंदना सिंह की पहल गैर-मौसमी और एग्जॉटिक सब्जियों की खेती के लिए नई तैयारी, सगन्ध पौध क्लस्टर्स का दायरा बढ़ाने और वैल्यू चेन मजबूत करने के निर्देश कृषि सखियों को प्रेरित कर जैविक उत्पादों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रचार पर दिया जोर देहरादून: राज्य के […] The post कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में महानिदेशक वंदना सिंह की पहल,गैर-मौसमी और एग्जॉटिक सब्जियों की खेती के लिए नई तैयारी, first appeared on Vision 2020 News.

Dec 13, 2025 - 18:27
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महानिदेशक वंदना सिंह की आधुनिक कृषि पहल: गैर-मौसमी और एग्जॉटिक सब्जियों के लिए नई दिशा
कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में महानिदेशक वंदना सिंह की पहल गैर-मौसमी और एग्जॉटिक सब्

महानिदेशक वंदना सिंह की आधुनिक कृषि पहल: गैर-मौसमी और एग्जॉटिक सब्जियों के लिए नई दिशा

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कम शब्दों में कहें तो, महानिदेशक वंदना सिंह ने उत्तराखंड में कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत, गैर-मौसमी एवं एग्जॉटिक सब्जियों की खेती की नई तैयारियों पर जोर दिया गया है।

देहरादून: राज्य के कृषि एवं उद्यान विभाग की महानिदेशक, वंदना सिंह, ने कृषि और बागवानी क्षेत्र को अत्यधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने विभिन्न स्तरों पर उच्च स्तरीय बैठकों का आयोजन किया, जिसमें विभागीय योजनाओं का मूल्यांकन और आगामी कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल सगन्ध पौध क्लस्टर्स का विस्तार करना है, बल्कि कृषि सखियों को जैविक उत्पादों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धीरे-धीरे प्रचारित करना भी शामिल है।

जायका-उत्तराखण्ड बागवानी विकास परियोजना की समीक्षा

महानिदेशक वंदना सिंह ने जायका-उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना की समीक्षाएँ की। इसके तहत उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना की कार्ययोजना को जमीनी स्तर पर वास्तविक गतिविधियों के अनुरूप संशोधित किया जाए। विभिन्न जनपदों में ऐसे क्लस्टर निर्धारित किए जाएंगे जहाँ परियोजना का क्रियान्वयन होगा। इस योजना के अंतर्गत, प्रस्तावित ऑफ-सीज़न (गैर-मौसमी) और एग्जॉटिक सब्जियों की खेती के लिए पौध विकसित करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

नर्सरियों के विकास पर जोर

बैठक मे उपस्थित नोडल अधिकारी ने बताया कि राज्य की नर्सरियों के पुनर्जीवन के लिए एक मास्टर प्लान लगभग पूरा हो चुका है। इस मास्टर प्लान के अनुसार नर्सरी विकास अधिकारियों के कार्यों का विभाजन और ड्यूटी चार्ट भी इसी महीने पूरा होगा। आलू बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता का एक बड़ा प्लान भी पेश किया गया था। इस योजना के तहत चिन्हित नर्सरियों में आलू विकास अधिकारियों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।

सगंध पौधा केंद्र का निरीक्षण

महानिदेशक ने सगंध पौधा केंद्र (कैप), सेलाकुई का दौरा किया और वहां केंद्र निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान को निर्देश दिए कि वे महक क्रांति के अंतर्गत सगन्ध पौध क्लस्टर्स में कार्य करें। साथ ही, नए कर्मचारियों को उच्च गुणवत्ता वाले पौध सामग्री तैयार करने के लिए कैप द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाने का आदेश भी उन्होंने दिया। दिसंबर महीने में प्रगतिशील सगंध कृषकों के साथ बैठक का आयोजन भी किया जाएगा।

जैविक उत्पादों का प्रचार

महानिदेशक ने उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद की समीक्षा बैठक भी की, जिसमें प्रबंध निदेशक विनय कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इसके तहत, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित करने, जैविक उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने और परिषद के आय स्रोत विकसित करने पर चर्चा की।

किसानों से संवाद

महानिदेशक ने देहरादून जनपद के ग्राम सीरियों और गुंदियावाला का भ्रमण किया और जैविक खेती करने वाले किसानों से मुलाकात की। उन्होंने किसानों के अनुभवों को साझा किया और उन्हें जैविक खेती के लाभों के प्रति जागरूक किया। यह पहल न केवल कृषि को आधुनिक बनाएगी, बल्कि किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

अंत में, महानिदेशक वंदना सिंह की यह पहल कृषि और बागवानी में एक नया युग लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी योजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल राज्य के किसानों को लाभ होगा, बल्कि इससे जैविक खेती को भी एक नया मुकाम मिलेगा।

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सादर, टीम इंडिया टुडेस - साक्षी शर्मा

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