सीएम धामी का माणा गाँव में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025 में आगमन, पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई दिशा
माणा गाँव में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन — सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को नई उड़ान सीएम धामी बोले — “वाइब्रेंट गांवों की आर्थिकी को मिलेगा नया संबल” सीमांत माणा गाँव में संस्कृति, परंपरा और देशभक्ति की अद्भुत संगम झलक बद्रीविशाल के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की […] The post देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025 में पहुंचे सीएम धामी, सीमांत माणा गाँव में पर्यटन और रोजगार को अब मिलेगा बढ़ावा first appeared on Vision 2020 News.
माणा गाँव में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन
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कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माणा गाँव में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होकर पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से सीमांत क्षेत्रों में आर्थिकी को बढ़ावा मिलेगा।
सीमांत माणा गाँव में आयोजित इस दो दिवसीय "देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025" ने संस्कृति, परंपरा, और देशभक्ति का अद्भुत संगम रचा। मुख्यमंत्री धामी ने यहां भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
सीएम धामी का उद्धरण: “वाइब्रेंट गांवों की आर्थिकी को मिलेगा नया संबल”
इस महोत्सव का आयोजन भारतीय सेना और उत्तराखंड सरकार द्वारा किया गया, जिसमें स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों ने बड़ी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा है, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने के दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।
सैन्य प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्व
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी आम जनता और भारतीय सेना के बीच विश्वास और सहयोग को मज़बूत करने का एक प्रयास है। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शित उपकरणों और सूचना सामग्री की भी सराहना की।
महोत्सव में स्कूली बच्चों ने अपने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की प्रस्तुति देकर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि यह गढ़वाली लोक संस्कृति की झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को प्रदर्शित करती हैं।
स्थानीय शिल्पकारों की महारत
स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा भरपूर सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान कर महिलाओं और युवाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराती है।
सामुदायिक विकास और रोजगार सृजन का जरिया
सीएम धामी ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन विकास एवं रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण घटक सिद्ध होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और रिवर्स पलायन की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
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Team India Twoday - राधिका शर्मा
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