संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दी ‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि, मिले आशीर्वाद

उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार्द का केंद्र बन गया, जब देशभर के प्रमुख संतों एवं धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक संरक्षण और अध्यात्मिक समृद्धि के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की। संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी […] The post संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दिया आशीर्वाद, दी ‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि first appeared on Vision 2020 News.

Nov 5, 2025 - 18:27
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संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दी ‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि, मिले आशीर्वाद
उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार

संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दी ‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि, मिले आशीर्वाद

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर संतों ने मुख्यमंत्री धामी को आशीर्वाद दिया और उन्हें ‘देवभूमि का धर्म-संरक्षक’ बताया।

उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के आयोजन के दौरान, मुख्यमंत्री आवास आधात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार्द का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। जब देशभर के प्रमुख संतों और धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की, तब उन्होंने राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक समृद्धि के प्रति मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। यह भेंट निश्चित रूप से देवभूमि के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण थी।

संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को दिया आशीर्वाद

संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की प्रशंसा की और प्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव, विरासत संरक्षण तथा धार्मिक-सांस्कृतिक मानकों को सुदृढ़ करने वाले निर्णयों के लिए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। संतों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकास की नई ऊँचाइयों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह धारणा भविष्य की राह को इंगित करती है, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं को संजोए रखा जाएगा।

‘देवभूमि के धर्म-संरक्षक’ की उपाधि दी गई

इस समारोह में कई प्रतिष्ठित संत-महात्मा शामिल हुए, जिसमें जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वर महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविंद्रपुरी महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण और प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी जैसे कई अन्य साधु शामिल थे। सभी संतों ने मुख्यमंत्री को रजत जयंती की शुभकामनाएँ दी और राज्य की सांस्कृतिक पहचान एवं आध्यात्मिक धरोहर की सुरक्षा के लिए उनके समर्पण की सराहना की।

संत समाज ने की मुख्यमंत्री धामी की प्रशंसा

संतों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए अद्वितीय नेतृत्व प्रदान किया है। उनके प्रयासों से देवभूमि की मूल आत्मा और सनातन विरासत को सुरक्षित और सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार की उन नीतियों की भी प्रशंसा की जिनसे सामाजिक-सांस्कृतिक अनुशासन, धार्मिक स्थलों का संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन विकास, और परंपरा-संरक्षण को नया आयाम मिला है। यह प्रशंसा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुधारात्मक नीतियों की पुष्टि करती है।

इस महत्वपूर्ण घटना ने न केवल राज्य की आध्यात्मिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि देवनगरी के रूप में उत्तराखंड की पहचान को भी एक नई ऊँचाई दी है। संत समाज की प्रशंसा और उपाधि मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों को और भी मजबूती प्रदान करती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आज के समय में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

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Team India Twoday
कमलिनी शर्मा

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