मुख्यमंत्री के निर्देश पर रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन हेतु आवास सचिव आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन को लेकर मंगलवार को सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास, उत्तराखण्ड शासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में उत्तराखण्ड […]
मुख्यमंत्री के निर्देश पर रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन हेतु आवास सचिव आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
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कम शब्दों में कहें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में रोजी-रोटी और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन पर चर्चा के लिए रविवार को सचिवालय में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इसका नेतृत्व आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर, देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना और मसूरी एवं नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन संबंधी एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंगलवार को सचिवालय में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास, उत्तराखंड शासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारी, संबंधित विभाग तथा परामर्शदात्री संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
परियोजनाओं की प्रगति और समीक्षा
बैठक की शुरुआत में, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने देहरादून शहर में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना तथा मसूरी एवं नैनीताल के रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन के अद्यतन स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें तकनीकी, सामाजिक, पर्यावरणीय और वित्तीय पहलुओं की जानकारी दी गई।
प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना को ईबीआरटीएस के फीडर सिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें प्रमुख तीन कॉरिडोर शामिल हैं: क्लेमेंटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन, और गांधी पार्क से आईटी पार्क। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना शहर के यातायात को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक होगी।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजना की आवश्यकता और पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए), सामाजिक प्रभाव तथा वित्तीय व्यवहार्यता को स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक में संशोधित डीपीआर के साथ प्रस्तुतीकरण किया जाए।
स्थलीय निरीक्षण एवं भूमि संबंधी दिशा-निर्देश
आवास सचिव ने देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी कॉरिडोर के संरेखण का स्थलीय निरीक्षण कराने की इच्छा व्यक्त की ताकि जमीनी स्तर पर परियोजना की व्यवहारिकता का आकलन किया जा सके। बैठक में मसूरी और नैनीताल में रोपवे परियोजनाओं की फिजिबिलिटी अध्ययन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने जानकारी दी कि रोपवे परियोजनाएं पर्वतीय शहरों में यातायात जाम, पार्किंग समस्या और प्रदूषण कम करने में मदद कर सकती हैं।
इस दिशा में आवास सचिव ने भूमि संबंधी सभी पहलुओं और स्वामित्व की स्थिति का विस्तृत विवरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा– डॉ. आर. राजेश कुमार
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, राज्य सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार विकसित कर रही है। देहरादून में प्रस्तावित पीआरटी परियोजना और मसूरी तथा नैनीताल में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं महत्वपूर्ण पहल हैं। यह परियोजनाएं न केवल यातायात दबाव को कम करेंगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शी, व्यावहारिक और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रकार की योजनाओं का कार्यान्वयन उत्तराखंड के पर्यावरण और पर्यटन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, नंदनी शर्मा
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