मुख्यमंत्री धामी का अग्निवीरों से संवाद: भविष्य की सुरक्षा में सरकार की जिम्मेदारी
रैबार डेस्क: बजट सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को... The post मुख्यमंत्री ने किया अग्निवीरों से संवाद, कहा अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी appeared first on Uttarakhand Raibar.
मुख्यमंत्री धामी का अग्निवीरों से संवाद: भविष्य की सुरक्षा में सरकार की जिम्मेदारी
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीर कैडेट्स के साथ संवाद किया, जिसमें उन्होंने उनके भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की बताई।
रैबार डेस्क: बजट सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। इस संवाद के दौरान, कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहजता से उत्तर दिया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद अग्निवीरों के लिए दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा की।
सरकारी समर्थन और रोजगार के अवसर
संवाद के दौरान ओ.पी. कण्डारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद सरकार उनके रोजगार के लिए क्या व्यवस्था करेगी। मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, केन्द्र सरकार भी कई क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, "हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।"
मुख्यमंत्री का सैन्य जीवन की ओर झुकाव
शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से यह सवाल किया कि सैनिक पुत्र होने के नाते, क्या उनका मन सेना में जाने का नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि "सेना में जाना अति सम्माननीय है।" उन्होंने बताया कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक के जीवन की तरह अनुशासित और समर्पित मानते हैं। उनके पिताजी के साथ रहने के कारण, उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को नजदीक से देखा है।
राजनीतिक जीवन और परिवार
हिमांशु रौतेला ने पूछा कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते, मुख्यमंत्री अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, "जब कोई व्यक्ति राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय होता है, तो उसकी जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं।" यह दर्शाता है कि राजनीति में आने वाले लोगों के लिए व्यक्तिगत जीवन का संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है।
सैनिकों के प्रति सम्मान और समर्पण
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि "देवभूमि उत्तराखण्ड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है।" मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास को नई गति देने की दिशा में सभी से सहयोग की अपील की।
भविष्य की योजनाएँ और कार्यक्रम
मुख্যমंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। देहरादून में एक भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं। यह साफ है कि प्रदेश सरकार सैनिकों की भलाई को प्राथमिकता दे रही है।
राज्य सरकार की योजनाएँ, अग्निवीरों की सुरक्षा और भविष्य के अवसरों के संदर्भ में चर्चा ने संपूर्ण संवाद को और मज़बूती प्रदान की। यह संवाद इस बात का प्रमाण है कि सरकार अग्निवीरों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को न केवल समझती है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए भी समर्पित है।
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यह लेख टीम इंडिया टुडे की ओर से समीना शर्मा द्वारा लिखा गया है।
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