मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और श्रीमती गीता धामी ने मनाया भव्य करवा चौथ उत्सव
Corbetthalchal dehradun मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में अपनी धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी के साथ करवा चौथ का व्रत पारंपरिक श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया।…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और श्रीमती गीता धामी ने मनाया भव्य करवा चौथ उत्सव
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी के साथ आज मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ करवा चौथ का व्रत मनाया।
देहरादून के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने आवास में अपनी पत्नी श्रीमती गीता धामी के साथ करवा चौथ का पर्व मनाते हुए एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री दंपत्ति ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान शिव तथा माता पार्वती से प्रदेशवासियों के लिए सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
करवा चौथ का पर्व: परंपराएं और महत्व
करवा चौथ का त्योहार हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चौथ को मनाया जाता है। यह पर्व मुख्यतः विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले उपवास करती हैं और दिनभर पानी-खाना नहीं करतीं। रात में, चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पतियों को भोजन ग्रहण कराती हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति की सुंदरता और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान को बढ़ाएं ताकि समाज में Harmony बना रहे।
उत्सव का वातावरण
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित करवा चौथ की पूजा में धार्मिक अनुष्ठान का माहौल था। महिलाएं न केवल व्रत करती हैं बल्कि इस दिन अपने परिवार के साथ प्रेम और सौहार्द का आदान-प्रदान भी करती हैं। इस पर्व पर रात्रि के समय चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर, श्रीमती गीता धामी ने एक परंपरा को निभाते हुए अपने पति और प्रदेशवासियों के सुखद भविष्य की कामना की।
समापन विचार
करवा चौथ का पर्व न केवल एक धार्मिक त्योहार है, बल्कि यह हमारे पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का एक माध्यम भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और श्रीमती गीता धामी ने इस पर्व को मनाकर uss इतिहासी और सांस्कृतिक महत्व को पूरे प्रदेशवासियों के सामने उदाहरण के रूप में पेश किया है।
इस उत्सव की खासियत यह है कि यह न केवल एक व्रत है, बल्कि यह एक आनंदमयी पारिवारिक समारोह बन जाता है। यह मौके हमें हमारे रिश्तों की अहमियत को समझाने का भी काम करते हैं।
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Team India Twoday - Neha Sharma
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