मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा, समयसीमा का पालन अनिवार्य
मुख्य सचिव ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश देहरादून 29 सितंबर।मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते …
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा
सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
कम शब्दों में कहें तो: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित घोषणाओं की त्वरित निस्तारण करने का भी निर्देश दिया।
देहरादून, 29 सितंबर – मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन घोषणाओं का निस्तारण लंबित है, उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाएं की गई हैं, जिनमें से 2852 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं जबकि 1759 घोषणाएं अभी लंबित हैं। इनमें से 447 घोषणाओं को विलोपित या मर्ज किया जा चुका है। वर्तमान में 1397 घोषणाओं पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही चल रही है और इनमें से 59 आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। इसी प्रकार, 303 घोषणाएं अभी भी लंबित हैं। इससे पहले 11 अगस्त, 2026 को समीक्षा के समय 627 घोषणाएं लंबित थीं, जिनकी संख्या में अब कमी आई है।
मुख्य सचिव ने विभागवार लंबित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर में आयोजित की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा, "विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण लंबित घोषणाओं का समाधान करना चाहिए। योजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं में Departments के बीच निरन्तर संवाद और समन्वय आवश्यक है।" उन्होंने यह भी कहा कि संभव हो तो विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से शुरू किया जाए ताकि समय की बचत हो सके।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करते रहें। उन्होंने यह विचार भी व्यक्त किया कि उनDepartments की यूजर आईडी और पासवर्ड तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिनके पास यह उपलब्ध नहीं हैं।
बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधार योजना का प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावना पर भी कार्य किया जाए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पौड़ी शहर में हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित किया जाए और मल्टीस्टोरी पार्किंग के प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न Departments के द्वारा किए जाने वाले अवस्थापना विकास कार्यों को समन्वित किया जाए ताकि सभी कार्यों का प्रभावी निष्पादन हो सके।
मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उपयुक्त भूमि की खरीद सुनिश्चित की जाए ताकि कोल्ड स्टोरेज का बेहतर उपयोग हो सके।
उन्होंने सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास के लिए कार्य करने का निर्देश दिया। सरकारी भूमि की अनुपलब्धता के मामले में निजी भूमि खरीदकर सुविधाओं के विकास का भी सुझाव दिया गया।
इस बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday - लेखिका: स्नेहा शर्मा, Team India Twoday
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