राईका ढेला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित
शहीद ए आजम भगत सिंह को उनकी 119 वीं जयंती पर राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में विभिन्न कार्यक्रमों की माध्यम से याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः कालीन सभा…
राईका ढेला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती मनाई गई
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, शहीद ए आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती पर राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह कार्यक्रम न केवल उनकी शहादत की याद दिलाता है, बल्कि देशभक्ति और बलिदान के प्रति युवा पीढ़ी के जागरूकता को भी बढ़ावा देता है।
राजकीय इंटर कॉलेज ढेला में आयोजित इस विशेष आयोजन की शुरुआत प्रातः कालीन सभा में भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर शहीद ए आजम को याद किया। इस दौरान ममता बोरा और मानसी करगेती की टीम ने मिलकर प्रसिद्ध गीत "सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है" का सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया। इस गीत ने उपस्थित सभी लोगों को आजादी की उस भावना से भर दिया, जिसके लिए भगत सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दी।
महत्वपूर्ण बिंदु एवं विचार
कार्यक्रम में अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल ने शहीद भगत सिंह की शहादत और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगत सिंह का जीवन हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने अपनी बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि युवा पीढ़ी को उन मूल्यों को पहचानना चाहिए, जिनके लिए भगत सिंह ने अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्हें यह समझना होगा कि स्वतंत्रता का मूल्य क्या होता है और इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है।
विद्यालय का योगदान
राजकीय इंटर कॉलेज ढेला के शिक्षकों और छात्रों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बहुत मेहनत की। इस कार्यक्रम के द्वारा शिक्षकों ने छात्रों में देशभक्ति की भावना को जागृत करने का प्रयास किया। इसके अलावा, विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिसमें चित्रकला, निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इन सभी गतिविधियों ने छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया।
शहीद ए आजम का योगदान
भगत सिंह का जीवन और उनकी शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उनकी सक्रियता और विचारों ने भारतीय समाज को जागरूक किया। वे आज भी युवाओं के प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। उनके ज्ञान और साहस के कारण उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
निष्कर्ष
इस आयोजन ने हमें भगत सिंह के विचारों को समझने और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक और मौका दिया। हमें उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। युवा पीढ़ी को भगत सिंह की शहादत से प्रेरणा लेनी चाहिए ताकि वे न केवल देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझें बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी प्रयास करें।
अंत में, शहीद ए आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सभी को एक नई प्रेरणा दी है और हमें याद दिलाया है कि स्वतंत्रता की लड़ाई उनके बिना संभव नहीं होती।
अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.
धन्यवाद, टीम इंडिया टुडे, प्रियंका शर्मा
What's Your Reaction?