रुद्रप्रयाग में 6.7 तीव्रता का भूकंप, भारी नुकसान और सुमेरपुर सुरंग में 40-50 श्रमिक फंसे
रुद्रप्रयाग में आज 9ः45 बजे आए 6.7 तीव्रता के भूकंप से जनपद के अनेक क्षेत्रों में व्यापक नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी टीमों को उच्च सतर्कता के साथ मोर्चे पर लगा दिया गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से लगातार स्थिति की निगरानी की […] The post रुद्रप्रयाग में 6.7 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान, सुमेरपुर रेलवे सुरंग में फंसे 40-50 श्रमिक first appeared on Vision 2020 News.
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कम शब्दों में कहें तो रुद्रप्रयाग में 6.7 तीव्रता के भूकंप ने कई क्षेत्रों में व्यापक नुकसान पहुँचाया है। सुमेरपुर रेलवे सुरंग में 40-50 श्रमिक फंसे हुए हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
आज सुबह 9ः45 बजे रुद्रप्रयाग जनपद में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसके प्रभाव से जिले के अधिकांश क्षेत्रों में नुकसान की घटनाएं दर्ज की गई हैं। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी टीमें व्यस्त कर दी हैं, ताकि प्रभावित लोगों की मदद सुनिश्चित की जा सके। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है।
कई भवनों को नुकसान, स्थिति गंभीर
भूकंप के झटकों के बाद प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोटेश्वर स्थित जिला चिकित्सालय और उद्योग विभाग का भवन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, जवाड़ी बाइपास पर भू-धंसाव की शिकायतें आई हैं, जिससे एक मैक्स वाहन गहरी खाई में गिर गया है। इसमें सवार व्यक्तियों की स्थिति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस आपात स्थिति पर ध्यान देने के लिए जनपद स्तरीय आई.आर.एस. टीम के नोडल अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही हेतु जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
फंसे श्रमिकों की स्थिति
सुबह 10 बजे मेघा कंपनी द्वारा सूचित किया गया कि सुमेरपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे सुरंग में भूकंप के कारण भारी मलबा भर गया है। इस कारण सुरंग बंद हो गई है और उसमें 40 से 50 श्रमिकों के फंसे होने की आशंका जाहिर की जा रही है। राहत दल एवं विशेषज्ञ मौके के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकाला जा सके। साथ ही सुरंग की स्थिरता का आकलन भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबंधन विभाग ने आज प्रदेश भर में मॉक ड्रिल भी आयोजित की थी, जिसके तहत रुद्रप्रयाग में भी कुछ परीक्षण किए गए थे।
ऐसी घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी कितनी महत्वपूर्ण है। हम सभी को इस दिशा में जागरूक रहने की आवश्यकता है। जान, माल और सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तत्परता बेहद आवश्यक है।
इस संबंध में अधिक जानकारी और अपडेशन के लिए India Twoday पर जाने का सुझाव देते हैं।
अंत में, हमारी संवेदनाएँ उन सभी के साथ हैं जो इस संकट में प्रभावित हुए हैं। हम राहत कार्यों की प्रगति की स्थिति पर नजर रखेंगे।
— टीम इंडिया टुडे, प्रियांका
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