लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने नरवणे की अप्रकाशित किताब के उद्धरण पर उठाया सवाल, स्पीकर ने नहीं दी अनुमति
नई दिल्ली : लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान आज भारी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाने के जवाब में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के …
लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने नरवणे की अप्रकाशित किताब के उद्धरण पर उठाया सवाल, स्पीकर ने नहीं दी अनुमति
कम शब्दों में कहें तो, लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान भारी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाने के जवाब में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के उद्धरण का जिक्र करने की कोशिश की, जिसे स्पीकर ने अनुमति नहीं दी।
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विवाद की शुरुआत
नई दिल्ली: लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा करते समय आज एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने यूपीए (2004-2014) के शासनकाल की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषणों में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम पर कोई चर्चा नहीं हुई। उनके इस बयान का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब के अंश पढ़ने की इच्छा जाहिर की।
राहुल गांधी का रुख
राहुल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाना उचित नहीं है और इसलिए वे नरवणे की किताब के अंश पढ़ना चाहते हैं। इस किताब में डोकलाम विवाद और लद्दाख सीमा तनाव के वक्त के घटनाक्रम पर टिप्पणियां की गई हैं, जो बिना किसी संदर्भ के उनके अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा छिपाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कथनों और निर्णयों पर गंभीर टिप्पणी की गई है।
सत्ता पक्ष का विरोध
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि चूंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, राहुल गांधी का उद्धरण देना नियमों का पालन नहीं है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस विषय पर स्पीकर की अनुपस्थिति को सही ठहराया। उन्होंने कहा, "यदि सरकार ने किताब को प्रकाशन की अनुमति नहीं दी, तो इसका उल्लेख सदन में नहीं हो सकता।" इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि वे सदन की व्यवस्था को बनाए रखते हुए इस तरह के उद्धरण की अनुमति नहीं दे सकते।
संसद का माहौल
सदन में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने सदन के सदस्यों को बताया कि अप्रकाशित किताब के अंशों का उल्लेख नियमों के खिलाफ है। उन्होंने राहुल से अपील की कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें और सेना की कार्रवाइयों की आलोचना से बचें।
राहुल का सवाल
राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि जो बातें किताब में कहीं गई हैं, वे सेना के हर जवान को पता हैं, लेकिन सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह तथ्य 100% सही हैं और सवाल किया कि इसमें ऐसा क्या है जो सरकार को इतना डराता है। पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ 2024 में प्रकाशित होने वाली थी, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है।
इस विवाद ने एक बार फिर भारत की राजनीति में तर्क और विचारों की कमी को उजागर किया है, जहां महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से अधिक, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का चलन बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर एक सकारात्मक संवाद का निर्माण करने की जरूरत है, जो देश के विकास और सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
फिर भी, यह देखना हाँ महत्वपूर्ण है कि आगामी दिन कैसे इस मुद्दे से प्रभावित होंगे। क्या यह तनाव केवल अस्थायी रहेगा, या आगे और उग्र होगा? इसके परिणाम किस दिशा में जाएंगे, यह भी देखना होगा।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, नेहा शर्मा
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