लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उत्तराखंड DGP ने दी एकता और अखंडता की शपथ
देहरादून : देश के प्रथम गृहमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती “राष्ट्रीय एकता दिवस” के अवसर पर आज पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड महोदय ने पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित उपस्थित समस्त पुलिस बल को राष्ट्र की एकता, अखंडता व देश की सुरक्षा […] The post लौह पुरूष की जयंती पर उत्तराखंड के DGP ने दिलाई एकता और अखंडता की शपथ first appeared on Vision 2020 News.
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उत्तराखंड DGP ने दी एकता और अखंडता की शपथ
देहरादून : देश के पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वी जयंती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर आज पुलिस लाइन, देहरादून में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और उपस्थित सभी पुलिसकर्मियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और देश की सुरक्षा के प्रति समर्पण की शपथ दिलाई।
राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
पुलिस महानिदेशक ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय चरित्र और सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए कार्यों ने देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। सरदार पटेल का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और एकजुटता का पाठ पढ़ाता है।
एकता की शपथ लेने का आह्वान
डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से अपील की कि वे राज्य की शांति और सुरक्षा के प्रति समर्पित रहें। उन्होंने कहा, "हमें अपने कार्यों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार करने में सहयोग करना चाहिए।" यह बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि हम हमेशा अपनी सोच में एकता को प्राथमिकता दें और देश की सुरक्षा के प्रति सजग रहें। उनके इस वक्तव्य ने सभी उपस्थित अधिकारियों में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
सरदार पटेल की जीवनी से प्रेरणा
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की एकता के लिए अपने योगदान से राष्ट्र को मजबूत किया। 'लौह पुरुष' के नाम से मशहूर सरदार पटेल ने 562 रियासतों का भारत में विलय करवाने का कार्य किया, जिससे देश को अखंडता मिली। उनके कार्यों से भारतीय राजनीति में कई बदलाव आए और उन्होंने हमेशा एकता के महत्व को समझाया।
निष्कर्ष
इस आयोजन ने एकता और अखंडता की भावना को प्रबल करने का कार्य किया। पुलिस महानिदेशक का यह कदम यह दर्शाता है कि पुलिस बल न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखता है, बल्कि समाज में एकता और सुरक्षा के प्रतीक भी हैं। सरदार पटेल की जयंती पर उनकी याद दिलाते हुए, हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का प्रण लेना चाहिए।
इस तरह के आयोजनों से हमें प्रेरणा मिलती है कि हम सभी को मिलकर अपने देश की एकता के लिए कार्य करना है। कम शब्दों में कहें तो हमें राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना और निभाना चाहिए।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे - सुमिता शर्मा
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